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बिना नंबर प्लेट धड़ल्ले से सड़कों में दौड़ रहे ई-रिक्शा
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रुद्रपुर के काशीपुर बाईपास रोड पर बिना नंबर प्लेट के ई-रिक्शे में सवारी ले जाता चालक।
- फोटो : RUDRAPUR
ई-रिक्शा चालक एमवी एक्ट के नियमों को तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। शहर में ओवरलोड और बिना रजिस्ट्रेेशन के साथ ही बिना नंबर प्लेट के ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। ऐसे में कोई हादसा होने पर इन चालकों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन जाता है। पूर्व में बिना नंबर प्लेट ई-रिक्शा में सवार बदमाश चलते राहगीरों से मोबाइल लूट की वारदातों में भी लिप्त रह चुके हैं लेकिन मित्र पुलिस, सीपीयू और एआरटीओ मिलकर भी इनकी मनमानी नहीं रोक पा रहे हैं। शहर में बढ़ते ई- रिक्शा यातायात व्यवस्था में खलल जरूर डाल रहे हैं।
शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन गई है। शहर में छह हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग में सिर्फ 2794 वाहनों के पंजीकरण हैं और नगर निगम में सिर्फ 1462 ई-रिक्शा चालकों ने ही लाइसेंस लिया है। इसके अलावा बिना नंबर ई-रिक्शा सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं। इनकी मनमानी से पंजीकृत ई-रिक्शा वालों के साथ ऑटो व अन्य वाहन चालक परेशान हैं।
यात्रियों को ठूंसकर ले जाना हर किसी की आदत बन चुकी है। अमर उजाला ने अपने अभियान के अंतिम दिन बिना नंबर ई-रिक्शों के खिलाफ पड़ताल की तो कई ई-रिक्शा बिना नंबर प्लेट के इधर से उधर दौड़ते मिले। डीडी चौक व इंदिरा चौक पर पुलिस व सीपीयू की तैनाती के बाद भी ई-रिक्शा चालक बिना नंबर प्लेट के यात्रियों को ठूंसकर लेकर जाते दिखे। हैरानी की बात थी कि किसी भी पुलिस व सीपीयू कर्मियों ने इन्हें रोकना तो दूर टोकना भी जरूरी नहीं समझा।
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रूट बनाकर रोकी जाएगी मनमानी
रुद्रपुर। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने ई-रिक्शा चालकों की मनमानी रोकने के लिए रूट बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग व नगर निगम से पंजीकृत ई-रिक्शों की सूची मांगी जाएगी। इसके आधार पर रूट दिए जाएंगे। वहीं मनमाने ढंग से चलने वाले ई- रिक्शों को सीज कर उनके चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अमर उजाला की ओर से चलाए गए इस अभियान की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह के अभियानों से लोगों में जागरूकता आती है।
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शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन गई है। शहर में छह हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग में सिर्फ 2794 वाहनों के पंजीकरण हैं और नगर निगम में सिर्फ 1462 ई-रिक्शा चालकों ने ही लाइसेंस लिया है। इसके अलावा बिना नंबर ई-रिक्शा सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं। इनकी मनमानी से पंजीकृत ई-रिक्शा वालों के साथ ऑटो व अन्य वाहन चालक परेशान हैं।
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यात्रियों को ठूंसकर ले जाना हर किसी की आदत बन चुकी है। अमर उजाला ने अपने अभियान के अंतिम दिन बिना नंबर ई-रिक्शों के खिलाफ पड़ताल की तो कई ई-रिक्शा बिना नंबर प्लेट के इधर से उधर दौड़ते मिले। डीडी चौक व इंदिरा चौक पर पुलिस व सीपीयू की तैनाती के बाद भी ई-रिक्शा चालक बिना नंबर प्लेट के यात्रियों को ठूंसकर लेकर जाते दिखे। हैरानी की बात थी कि किसी भी पुलिस व सीपीयू कर्मियों ने इन्हें रोकना तो दूर टोकना भी जरूरी नहीं समझा।
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रूट बनाकर रोकी जाएगी मनमानी
रुद्रपुर। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने ई-रिक्शा चालकों की मनमानी रोकने के लिए रूट बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग व नगर निगम से पंजीकृत ई-रिक्शों की सूची मांगी जाएगी। इसके आधार पर रूट दिए जाएंगे। वहीं मनमाने ढंग से चलने वाले ई- रिक्शों को सीज कर उनके चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अमर उजाला की ओर से चलाए गए इस अभियान की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह के अभियानों से लोगों में जागरूकता आती है।