अतिवृष्टि प्रभावित नरकोटा गांव के दो प्रभावित परिवारों को विस्थापन सूची में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने भू-गर्भीय सर्वेक्षण टीम और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जून में भारी बारिश से सैंणतोक में भूस्खलन से वहां निवास कर रहे चार आवासीय घरों में मलबा व पानी घुस गया था। तब, प्रभावित परिवारों ने अन्यत्र घरों में शरण ली थी। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने स्वयं मौके का निरीक्षण करते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब, सभी प्रभावित परिवारों ने विस्थापन की मांग की थी। भू-गर्भीय टीम ने सैंणतोक का भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया लेकिन विस्थापन सूची में चार परिवारों में से दो को वंचित कर दिया गया, जिससे उनमें रोष है। प्रभावित हरीश चंद्र व चक्रधर जोशी का कहना है कि विस्थापन सूची में शामिल नहीं कर उनके साथ मजाक किया गया है। वह, डीएम से भेंटकर स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत को भी मामले से अवगत कराया गया था लेकिन उन्होंने भी मामले में डीएम को जांच के निर्देश देने की बात कहकर पुन: सुध नहीं ली। इधर, जिलाधिकारी गोयल ने कहा कि उप जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों का विस्थापन जरूरी होगा तो, त्वरित कार्रवाई की जाएगी।