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रुद्रप्रयाग: चारों तरफ धुएं का गुबार, घर तक पहुंची जंगलों से राख, तीन दिन से जल रहे नगर क्षेत्र से लगे जंगल
Tue, 26 Apr 2022 11:31 AM IST
सुशील कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:31 AM IST
सार
जिला चिकित्सालय के डॉ. राजीव गैरोला ने बताया कि वनाग्नि से वातावरण में फैले धुएं से बुजुर्ग, बच्चों को ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है। अस्थमा व दमा के मरीजों के लिए हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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जंगल में लगी भीषण आग।
- फोटो : एएनआई ट्विटर
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विस्तार
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के चारों तरफ जंगल तीन दिन से जल रहे हैं। वातावरण में धुंध फैली है, जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही हवा के दूषित होने के साथ पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञ और चिकित्सक लोगों से मास्क का उपयोग करने की अपील कर रहे हैं।
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शनिवार देर रात्रि से रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र से लगा ग्राम पंचायत बर्सू का जंगल जल रहा है। सोमवार सुबह से रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में चारों तरफ धुएं का गुबार फैला है, जिससे सूरज की रोशनी हल्की हो रखी है। दिनभर बिलोटा, बर्सू से लगे जंगल में धुआं उठता रहा और कई जगहों पर आग की लपटें दिखाई दीं। वनाग्नि से नष्ट हो रही वन संपदा की राख हवा में उड़कर घरों तक पहुंच रही है, आंखों में जलन, खुजली सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं।
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जिला चिकित्सालय के डॉ. राजीव गैरोला ने बताया कि वनाग्नि से वातावरण में फैले धुएं से बुजुर्ग, बच्चों को ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है। अस्थमा व दमा के मरीजों के लिए हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने लोगों से मास्क का उपयोग करने को कहा है। दूसरी तरफ वनाग्नि की राख से पेयजल स्रोत भी दूषित हो रहे हैं, जिससे जलजनित रोगों का खतरा भी बढ़ गया है। इधर, डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने जनपद में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है।
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कीर्तिनगर और श्रीनगर रेंज के जंगल जल रहे
कीर्तिनगर और श्रीनगर रेंज के जंगल रविवार रात से आग में जल रहे हैं। वहीं, चौरास के रानीहाट गांव में किसी ने आग लगा दी। हालांकि वन विभाग के अनुसार आग पर काबू पा लिया गया। अलकनंदा नदी के दोनों ओर पौड़ी और टिहरी जिले में वनाग्नि की घटनाएं थम नहीं रही हैं। कीर्तिनगर के पठवाड़ा और मजराखाल के समीप के जंगलों में लगी आग पर चार दिन में काबू पाया जा सका। वहीं कांडी, नांडी, बडोला सहित पांच क्षेत्रों में भी जंगल आग में जल गए। वहीं अमकोटी क्षेत्र के जंगल एक बार फिर आग में जल उठे। सोमवार सुबह जंगल से धुआं उठता रहा। वन क्षेत्राधिकारी कीर्तिनगर बुद्धि प्रकाश ने बताया कि रविवार को पांच स्थानों पर आग लगी थी। सभी जगह लगी आग बुझा ली गई हैं। रविवार को लगभग एक हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि सोमवार को रानीहाट में कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी थी। तत्काल टीम को मौके पर भेजकर आग पर काबू पा लिया गया।
वन कर्मियों और ग्रामीणों ने बुझाई जंगल की आग
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत सोमवार सुबह गुडम मसौली के जंगल में आग लग गई, जिसे वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर बुझा दिया। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत नागनाथ रेंज के अंतर्गत सोमवार सुबह गुडम-मसौली के सिविल और वन पंचायत के जंगल में आग लग गई। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे साथ ही गांव के लोग भी आग बुझाने में वन विभाग का सहयोग करने के लिए जंगल पहुंच गए। ग्रामीणों और वन कर्मियों ने तेजी से फैल रही आग को कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर तक बुझा दिया।