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गैर सरकारी विद्यालय ने बचाई जिले की लाज
Rudraprayag
Updated Mon, 27 May 2013 05:30 AM IST
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रुद्रप्रयाग। माई गोविंद गिरी सरस्वती विद्या मंदिर बेलणी के छात्र-छात्राओं ने जिले की लाज बचा ली। हैरत की बात है कि सरकारी विद्यालयों से केवल एक छात्र ही मेरिट लिस्ट में स्थान बना पाया। ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के सामने आत्मचिंतन करने का मौका है।
विद्या मंदिर बेलणी करीब हर वर्ष मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज कराते हैं। इस वर्ष भी इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप थ्री में दो छात्र इसी स्कूल के हैं। जिला मुख्यालय और इससे सटे क्षेत्रों में स्थित सरकारी इंटर कालेजों की बुरी स्थिति है। जबकि सुगम में स्थित होने से यहां शिक्षकों की तादाद भी अपेक्षाकृत अच्छी है। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों के छात्र मेरिट लिस्ट में नहीं आ पा रहे हैं। पिछले वर्षों तक जीआईसी गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, तिलकनगर, फाटा और राजकीय सहायता प्राप्त चिल्ड्रन इंटर कालेज अगस्त्यमुनि के छात्र मेरिट लिस्ट में आते थे, लेकिन इस बार उनकी झोली भी खाली रही। इसके विपरीत विद्या भारती से संबद्ध विद्या मंदिर बेलणी का रिजल्ट बेहतर रहता है। विद्या मंदिर बेलणी के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती बताते हैं कि स्कूल में छात्राें की हर विशेषता और कमी पर विशेष ध्यान तो दिया जाता है। इसके अलावा अभिभावकों से मिलकर उनके पाल्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी बताई जाती है।
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विद्या मंदिर बेलणी करीब हर वर्ष मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज कराते हैं। इस वर्ष भी इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप थ्री में दो छात्र इसी स्कूल के हैं। जिला मुख्यालय और इससे सटे क्षेत्रों में स्थित सरकारी इंटर कालेजों की बुरी स्थिति है। जबकि सुगम में स्थित होने से यहां शिक्षकों की तादाद भी अपेक्षाकृत अच्छी है। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों के छात्र मेरिट लिस्ट में नहीं आ पा रहे हैं। पिछले वर्षों तक जीआईसी गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, तिलकनगर, फाटा और राजकीय सहायता प्राप्त चिल्ड्रन इंटर कालेज अगस्त्यमुनि के छात्र मेरिट लिस्ट में आते थे, लेकिन इस बार उनकी झोली भी खाली रही। इसके विपरीत विद्या भारती से संबद्ध विद्या मंदिर बेलणी का रिजल्ट बेहतर रहता है। विद्या मंदिर बेलणी के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती बताते हैं कि स्कूल में छात्राें की हर विशेषता और कमी पर विशेष ध्यान तो दिया जाता है। इसके अलावा अभिभावकों से मिलकर उनके पाल्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी बताई जाती है।
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