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हार्ट अटैक की पीड़िता को दंडी से 3.5 किमी पैदल चलकर पहुंचाया सड़क तक
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:21 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के बच्छणस्यूं पट्टी के पणधारा गांव में एक वृद्धा को दिल का दौरा पड़ने पर इलाज के लिए डंडी पर बैठाकर साढ़े तीन किमी पैदल चलकर सड़क तक पहुुंचाया गया। महिला को परिजनों द्वारा बेस चिकित्सालय श्रीनगर में भर्ती किया गया है। जहां स्थिति अब खतरे से बाहर बताई गई है।
पौड़ीखाल न्याय पंचायत के बंगोली ग्राम पंचायत का पणधारा गांव सड़क से चार किमी दूर है। बुधवार को प्रात: 7 बजे गांव की शाकुंबरी देवी (80) को दिल का दौरा पड़ा। जब तक परिजन कुछ समझते वृद्धा तेज दर्द से अचेत लेट गई। इस दौरान गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। घरेलू उपचार से दर्द को कम करने का प्रयास किया गया, लेकिन वृद्धा के शरीर का एक हिस्सा सुन्न होने लगा। इसे देखते ही परिजन व ग्रामीण परेशान हो गए। इसके बाद डंडी से उबड़-खाबड़ रास्ते से साढ़े तीन किमी पैदल चलते हुए ग्रामीणों द्वारा पीड़िता को फतेहपुर बैंड लाया गया। यहां से वाहन बुक कर उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद महिला की स्थिति को खतरे से बाहर बताया। पीड़िता के पुत्र भरत सिंह रौथाण, ग्रामीण कृपाल सिंह रौथाण, पुष्कर सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि यातायात सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आज भी मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं। दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग निर्माण की मांग तीन दशक से हो रहे हैं, लेकिन 5 किमी स्वीकृत मार्ग आज तक नहीं बन पाया है। सड़क के अभाव में बीमार व गर्भवती को दंडी से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। इधर, लोक निर्माण विभाग के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग का 1.65 किमी निर्माण होना है, जो प्रगति पर है। शेष निर्माण के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति को प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
पौड़ीखाल न्याय पंचायत के बंगोली ग्राम पंचायत का पणधारा गांव सड़क से चार किमी दूर है। बुधवार को प्रात: 7 बजे गांव की शाकुंबरी देवी (80) को दिल का दौरा पड़ा। जब तक परिजन कुछ समझते वृद्धा तेज दर्द से अचेत लेट गई। इस दौरान गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। घरेलू उपचार से दर्द को कम करने का प्रयास किया गया, लेकिन वृद्धा के शरीर का एक हिस्सा सुन्न होने लगा। इसे देखते ही परिजन व ग्रामीण परेशान हो गए। इसके बाद डंडी से उबड़-खाबड़ रास्ते से साढ़े तीन किमी पैदल चलते हुए ग्रामीणों द्वारा पीड़िता को फतेहपुर बैंड लाया गया। यहां से वाहन बुक कर उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद महिला की स्थिति को खतरे से बाहर बताया। पीड़िता के पुत्र भरत सिंह रौथाण, ग्रामीण कृपाल सिंह रौथाण, पुष्कर सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि यातायात सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आज भी मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं। दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग निर्माण की मांग तीन दशक से हो रहे हैं, लेकिन 5 किमी स्वीकृत मार्ग आज तक नहीं बन पाया है। सड़क के अभाव में बीमार व गर्भवती को दंडी से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। इधर, लोक निर्माण विभाग के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग का 1.65 किमी निर्माण होना है, जो प्रगति पर है। शेष निर्माण के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति को प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
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