फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए बाबा केदार

शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए बाबा केदार

Mon, 23 Oct 2017 10:42 PM IST
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए बाबा केदार

विज्ञापन
ऊखीमठ। भगवान केदारनाथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो गए हैं। बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति को वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के बाद गर्भगृह में प्रतिष्ठापित कर दिया गया है। इस मौके पर सैकड़ों भक्तों ने चल विग्रह उत्सव डोली के दर्शन कर आशीष प्राप्त किया।
बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली ने सोमवार को 14 सदस्यीय बैंड दल की धुनों और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ प्रात: 8.30 बजे अंतिम पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दी स्थल के लिए प्रस्थान किया। बैंड दल की अगुवाई 10-जेएकेएलआई के सूबेदार मदनलाल ने की। डोली विद्यापीठ होते हुए प्रात: 10.45 बजेे जयवीरी पहुंची। यहां अल्प विश्राम के बाद 11.15 बजे डोली देवदर्शनी धार पहुंची। यहां पर सैकड़ों भक्तों ने डोली का स्वागत करते हुए भोलेनाथ के जयकारे लगाए। क्षेत्रवासियों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ 11.45 बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में पहुंची। मंदिर की परिक्रमा के बाद डोली पंचकेदार स्थल में विराजमान हुई। इस मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने पंचमुखी भोग मूर्ति एवं चॉबी रावल भीमाशंकर लिंग को सौंपी। आचार्य हर्ष जमलोकी के वेद मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग व टी-गंगाधर लिंग द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए केदारनाथ धाम से लाया गया उदक जल एवं भष्म भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, कार्याधिकारी अनिल शर्मा, एनपी जमलोकी, आचार्य विश्वमोहन जमलोकी, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट सहित कई लोग मौजूद थे।
विज्ञापन

-------
30295 श्रद्धालु कर चुके अभी तक दर्शन
ऊखीमठ। भगवान केदारनाथ की शीतकालीन गद़्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में इस वर्ष अभी तक 30 हजार 295 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इस शीतकाल में यह संख्या बढने की उम्मीद है। बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि इस सीजन में श्रद्धालुओं को स्थानीय उत्पाद का प्रसाद वितरित किया जाएगा। साथ ही मंदिर में पंचगाई महिला मंगल दलों के सहयोग से कीर्तन-भजन का आयोजन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
मेरा भोले बाबा कैलासों मा नाचण लगीन....
सांस्कृतिक संध्या में भक्ति गीतों की गूंज
गुप्तकाशी। भगवान आशुतोष की चल विग्रह डोली के शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन पर आगमन पर बीते रविवार को विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में विश्वनाथ सेवा संगठन द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस मौके पर कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ के भजन व अन्य भक्तिमय गीतों की प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।

मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमंत तिवारी ने किया। कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा पूरे क्षेत्र पर बनी रहे, इसी उद्देश्य से सब लोग कार्य करें। इसके बाद शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक कुलदीप कप्रवाण ने ‘चैता की चैत्वाली, मेरा भोले बाबा कैलासों में नाचण लगीन, कृष्ण जागर, जौ जस देई, जय अंबा’ आदि देवी गीतों की प्रस्तुति दी। जबकि लोक गायक राकेश पंवार ने भोले जागर व मठियाणा देवी स्तुति तथा गीतकार अजय नौटियाल ने भोले स्तुति की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। देर रात्रि तक कीर्तन-भजनों का दौर चलता रहा। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष हरि प्रसाद, सुमित पंवार, दिनेश बगवाड़ी, पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, प्रधान मदन अग्रवाल, कमल रावत, निम के प्रभारी मनोज सेमवाल, प्रदीप सेमवाल, सुरेंद्र दत्त नौटियाल, केएन नौटियाल, सुश्री लता समेत भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed