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52 गढ़ों में एक सिलगढ़ का अपना ऐतिहासिक महत्व : चौधरी
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:37 PM IST
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तिलवाड़ा/जखोली। ग्राम पंचायत तैला में आयोजित दो दिवसीय सिलगढ़ महोत्सव शुरू हो गया है। इसका शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए यह पहल स्वागत योग्य है। उन्होंने मेला आयोजन के लिए विधायक निधि से दो लाख देने की घोषणा भी की। इस मौके पर संस्कृति विभाग के कलाकारों के साथ स्कूली छात्रों और स्थानीय रंगकर्मियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
विधायक चौधरी ने कहा कि सिलगढ़ का अपना ऐतिहासिक महत्व है। गढ़वाल के 52 गढ़ों में यह क्षेत्र भी शामिल हैं, इसलिए इस महोत्सव की भूमिका और भी बढ़ जाती है। विशिष्ठि अतिथि बाल आयोग के सदस्य व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए मंच प्रदान करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सीडीओ डीआर जोशी ने महोत्सव को हरसंभव मदद की बात कही। संस्कृति विभाग की टीम के साथ ही स्कूली छात्रों और स्थानीय कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीत व नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से मेलार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों सहित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्रामीण मौजूद थे।
विधायक चौधरी ने कहा कि सिलगढ़ का अपना ऐतिहासिक महत्व है। गढ़वाल के 52 गढ़ों में यह क्षेत्र भी शामिल हैं, इसलिए इस महोत्सव की भूमिका और भी बढ़ जाती है। विशिष्ठि अतिथि बाल आयोग के सदस्य व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए मंच प्रदान करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद सीडीओ डीआर जोशी ने महोत्सव को हरसंभव मदद की बात कही। संस्कृति विभाग की टीम के साथ ही स्कूली छात्रों और स्थानीय कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीत व नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से मेलार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों सहित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्रामीण मौजूद थे।
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