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थपलगांव ग्राम प्रधान के वितीय अधिकारी सीज
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:30 PM IST
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रुद्रप्रयाग। सरकारी योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में धांधली पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत थपलगांव के ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकारी सीज कर दिए हैं। प्रधानपति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण प्रखंड के नेतृत्व में ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों की जांच की गई थी। इसमें कई अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत में पंदेरा तोक में 4 शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता के साथ ही गांव में पुस्ता निर्माण, खड़ंजा मार्ग, चारपानी तोक का सौंदर्यीकरण, घंडियालबगड़ में पैदल मार्ग निर्माण में अनियमितताएं पाई गई हैं। इन कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी के साथ वित्तीय धांधली भी पाई गई है। यहां तक कि प्रधानपति द्वारा स्वजल और मनरेगा में शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार से एक-एक हजार रुपये रिश्वत ली गई है, जिसकी जांच में पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जिन-जिन लोगों को दोषी पाया गया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्यो में लापरवाही व वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाए जाने वाले संबंधित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और धन वसूली होगी, इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी को निर्देशित कर दिया गया है।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण प्रखंड के नेतृत्व में ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों की जांच की गई थी। इसमें कई अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत में पंदेरा तोक में 4 शौचालय निर्माण में वित्तीय अनियमितता के साथ ही गांव में पुस्ता निर्माण, खड़ंजा मार्ग, चारपानी तोक का सौंदर्यीकरण, घंडियालबगड़ में पैदल मार्ग निर्माण में अनियमितताएं पाई गई हैं। इन कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी के साथ वित्तीय धांधली भी पाई गई है। यहां तक कि प्रधानपति द्वारा स्वजल और मनरेगा में शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार से एक-एक हजार रुपये रिश्वत ली गई है, जिसकी जांच में पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जिन-जिन लोगों को दोषी पाया गया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्यो में लापरवाही व वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाए जाने वाले संबंधित विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और धन वसूली होगी, इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी को निर्देशित कर दिया गया है।
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