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थपलगांव के लोगों ने प्रधान पर लगाए भष्ट्राचार के आरोप
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:35 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत थपलागांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा, स्वजल सहित अन्य सरकारी योजनाओं में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है।
डीएम से मिले ग्रामीणों ने बताया कि स्वजल से एमओयू के तहत स्वीकृत 48 शौचालयों में अभी तक 21 का निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि ग्राम प्रधान की ओर से कई ग्रामीणों से बेस लाइन सर्वे के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले गए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर 28 लाभार्थियों को स्वजल से अवमुक्त प्रोत्साहन अनुदान भी नहीं देने, मनरेगा में 11 में से तीन शौचालय का निर्माण आज तक शुरू नहीं होने, फार्म पौंड निर्माण, धारा सुंदरीकरण, पुस्ता निर्माण, पेयजल योजना की मरम्मतीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद कार्य पूरे नहीं होने सहित कई आरोप लगाए। इधर, डीएम ने बताया कि सीडीओ डीआर जोशी को संबंधित बीडीओ से मामले में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि गांव जाकर योजनाओं के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। दूसरी तरफ ग्राम प्रधान नीरा देवी का कहना है कि उन्होंने नियमों के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों साजिश कर उन्हेें भ्रष्टाचार में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्यूरो
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डीएम से मिले ग्रामीणों ने बताया कि स्वजल से एमओयू के तहत स्वीकृत 48 शौचालयों में अभी तक 21 का निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि ग्राम प्रधान की ओर से कई ग्रामीणों से बेस लाइन सर्वे के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले गए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर 28 लाभार्थियों को स्वजल से अवमुक्त प्रोत्साहन अनुदान भी नहीं देने, मनरेगा में 11 में से तीन शौचालय का निर्माण आज तक शुरू नहीं होने, फार्म पौंड निर्माण, धारा सुंदरीकरण, पुस्ता निर्माण, पेयजल योजना की मरम्मतीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद कार्य पूरे नहीं होने सहित कई आरोप लगाए। इधर, डीएम ने बताया कि सीडीओ डीआर जोशी को संबंधित बीडीओ से मामले में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि गांव जाकर योजनाओं के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। दूसरी तरफ ग्राम प्रधान नीरा देवी का कहना है कि उन्होंने नियमों के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों साजिश कर उन्हेें भ्रष्टाचार में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्यूरो
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