{"_id":"5c57100bbdec2273a74cfdbf","slug":"51549209611-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वयं की पहल से होंगी बेटियां व महिलाएं समाज में सुरक्षित व आत्मनिर्भर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वयं की पहल से होंगी बेटियां व महिलाएं समाज में सुरक्षित व आत्मनिर्भर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुप्तकाशी। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महाभियान के तहत ‘समाज में महिलाओं की भूमिका और सुरक्षा’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटी और महिला को आत्मनिर्भर व आत्मसुरक्षा के लिए स्वयं से पहल करनी होगी। साथ ही महिलाओं को एकजुट होकर अधिकारों के लिए आगे आना होगा।
मां शारदा के चित्र अनावरण के साथ डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल में संगोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि ऊखीमठ ब्लाक के सारी गांव की रामेश्वरी देवी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज को व्यवस्थित और कुटुंब का रूप देने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कहा कि शिक्षा के प्रति महिलाओं का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता को महिलाओं के सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास बताया। अध्यापिका संध्या भट्ट, ने कहा कि वर्तमान स्वरूप को ध्यान में रखते हुए बेटियों व महिलाओं के विकास के लिए ग्राम स्तर से कार्य करना होगा। उन्होंने अपराजिता महाभियान को समाज के विकास के लिए नई सोच बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेश्वरी देवी ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार देकर समाज में संरक्षित किया जा सकता है। दुर्गी देवी ने कहा कि बेटा-बेटी की सोच से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है, तभी समाज में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। कहा कि बेटी के शिक्षित होने से माता-पिता को जहां खुशी होती है। वहीं, उसका भविष्य भी सुरक्षित हो जाता है। इस मौके पर घूमा देवी, मंगला देवी, कुशला देवी, सरिता देवी, पिंकी देवी, कविता देवी, रेखा देवी, अनीता देवी, ऊषा देवी, मधु देवी, अंजना देवी, दुर्गी देवी, विनीता देवी, रामेश्वरी देवी, पूनम देवी, रंजू देवी, सुरेशी देवी, सुमन शुक्ला, संगीता शाह, कविता नौटियाल, पूजा नेगी, विजयलक्ष्मी देवी, ज्योति देवी, नेहा देवी प्रवीन शुक्ला, संजीव कुमार, महावीर सिंह, मनोज बेंजवाल, रामकृष्ण गोस्वामी, सीएस नौटियाल, अरविंद नेगी, नागेंद्र नेगी, जितेंद्र नेगी, प्रदीप बिष्ट, विनोद गैरोला सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
पेंटिंग से दिया बेटी बढ़ाओ का संदेश, महिला सम्मान की ली शपथ
डॉ जैक्सवीन नेशनल के कक्षा 3 से 12वीं तक के 269 छात्र-छात्राओं ने बेटियों के संरक्षण, बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ का संदेश पेंटिंग के जरिए दिया। बेटी के जन्म से लेकर उसके विवाह तक के सफर को बच्चों ने बखूबी दिखाया। इस मौके पर बच्चों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक स्वर में संकल्प भी लिया। इसके अलावा अभिभावकों, विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं सहित 334 लोगों ने शपथ पत्र भरे। इस मौके पर जहां बेटियों ने विश्वास के साथ समाज में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने की शपथ ली। वहीं, छात्राओं व अन्य ने बेटी व महिला सम्मान और उसके हर कदम पर सहयोग देने की शपथ ली।
विज्ञापन
इनका कहना है --
अमर उजाला अपराजिता महाभियान नगर क्षेत्रों से लेकर दूर-दराज के गांवों में महिलाओं व बेटियों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहा है। महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सम्मान के साथ मंच प्रदान करने की, इसके लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे।
-- लखपत सिंह राणा, चियरमैन, डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल
बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से बेहतर कार्य कर रही है। बावजूद उन्हें वह वरीयता व सम्मान नहीं मिल पा रहा है। जरूरी है कि घर से ही उन्हें सहयोग पूर्ण माहौल मिले, जिससे वे अपनी भूमिका और बेहतर तरीके से निभा सकेगी।
-- रोशनी चौहान, मशरूम उत्पादक व ट्रेकिंग ट्रेनर, कविल्ठा गांव
महिलाओं को संगठित होकर अपने कार्य करने होंगे, जिससे वे समाज में अपने आप को स्थापित कर सके।
--यशोदा देवी राणा, दाई व जागर गायिका, कालीमठ
महिलाओं और बेटियों को अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार होकर आगे आना होगा। तभी पुरुष समाज भी उनके प्रति गंभीर होगा।
-- सोबती देवी, 80 वर्षीय वृद्धा निवासी गुप्तकाशी
महिलाओं को अपनी स्कूली बेटियों से निरंतर संवाद रखते हुए उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं में मदद करनी चाहिए और बेटियों को परवरिश ऐसी करनी होगी, जिससे वह एक सशक्त महिला बनकर उभरे।
--- उपासना सेमवाल, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित लोक कवियत्री
विज्ञापन
मां शारदा के चित्र अनावरण के साथ डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल में संगोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि ऊखीमठ ब्लाक के सारी गांव की रामेश्वरी देवी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज को व्यवस्थित और कुटुंब का रूप देने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कहा कि शिक्षा के प्रति महिलाओं का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता को महिलाओं के सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास बताया। अध्यापिका संध्या भट्ट, ने कहा कि वर्तमान स्वरूप को ध्यान में रखते हुए बेटियों व महिलाओं के विकास के लिए ग्राम स्तर से कार्य करना होगा। उन्होंने अपराजिता महाभियान को समाज के विकास के लिए नई सोच बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेश्वरी देवी ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार देकर समाज में संरक्षित किया जा सकता है। दुर्गी देवी ने कहा कि बेटा-बेटी की सोच से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है, तभी समाज में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। कहा कि बेटी के शिक्षित होने से माता-पिता को जहां खुशी होती है। वहीं, उसका भविष्य भी सुरक्षित हो जाता है। इस मौके पर घूमा देवी, मंगला देवी, कुशला देवी, सरिता देवी, पिंकी देवी, कविता देवी, रेखा देवी, अनीता देवी, ऊषा देवी, मधु देवी, अंजना देवी, दुर्गी देवी, विनीता देवी, रामेश्वरी देवी, पूनम देवी, रंजू देवी, सुरेशी देवी, सुमन शुक्ला, संगीता शाह, कविता नौटियाल, पूजा नेगी, विजयलक्ष्मी देवी, ज्योति देवी, नेहा देवी प्रवीन शुक्ला, संजीव कुमार, महावीर सिंह, मनोज बेंजवाल, रामकृष्ण गोस्वामी, सीएस नौटियाल, अरविंद नेगी, नागेंद्र नेगी, जितेंद्र नेगी, प्रदीप बिष्ट, विनोद गैरोला सहित छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
विज्ञापन
पेंटिंग से दिया बेटी बढ़ाओ का संदेश, महिला सम्मान की ली शपथ
डॉ जैक्सवीन नेशनल के कक्षा 3 से 12वीं तक के 269 छात्र-छात्राओं ने बेटियों के संरक्षण, बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ का संदेश पेंटिंग के जरिए दिया। बेटी के जन्म से लेकर उसके विवाह तक के सफर को बच्चों ने बखूबी दिखाया। इस मौके पर बच्चों ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक स्वर में संकल्प भी लिया। इसके अलावा अभिभावकों, विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं सहित 334 लोगों ने शपथ पत्र भरे। इस मौके पर जहां बेटियों ने विश्वास के साथ समाज में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ने की शपथ ली। वहीं, छात्राओं व अन्य ने बेटी व महिला सम्मान और उसके हर कदम पर सहयोग देने की शपथ ली।
विज्ञापन
इनका कहना है --
अमर उजाला अपराजिता महाभियान नगर क्षेत्रों से लेकर दूर-दराज के गांवों में महिलाओं व बेटियों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहा है। महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सम्मान के साथ मंच प्रदान करने की, इसके लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे।
-- लखपत सिंह राणा, चियरमैन, डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल
बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से बेहतर कार्य कर रही है। बावजूद उन्हें वह वरीयता व सम्मान नहीं मिल पा रहा है। जरूरी है कि घर से ही उन्हें सहयोग पूर्ण माहौल मिले, जिससे वे अपनी भूमिका और बेहतर तरीके से निभा सकेगी।
-- रोशनी चौहान, मशरूम उत्पादक व ट्रेकिंग ट्रेनर, कविल्ठा गांव
महिलाओं को संगठित होकर अपने कार्य करने होंगे, जिससे वे समाज में अपने आप को स्थापित कर सके।
--यशोदा देवी राणा, दाई व जागर गायिका, कालीमठ
महिलाओं और बेटियों को अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार होकर आगे आना होगा। तभी पुरुष समाज भी उनके प्रति गंभीर होगा।
-- सोबती देवी, 80 वर्षीय वृद्धा निवासी गुप्तकाशी
महिलाओं को अपनी स्कूली बेटियों से निरंतर संवाद रखते हुए उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं में मदद करनी चाहिए और बेटियों को परवरिश ऐसी करनी होगी, जिससे वह एक सशक्त महिला बनकर उभरे।
--- उपासना सेमवाल, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित लोक कवियत्री