फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   सड़कें हो जाती आपस में लिंक तो तहसील को नहीं लगानी पड़ती 115 किमी की दौड़

सड़कें हो जाती आपस में लिंक तो तहसील को नहीं लगानी पड़ती 115 किमी की दौड़

Thu, 21 Dec 2017 10:34 PM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
सड़कें हो जाती आपस में लिंक तो तहसील को नहीं लगानी पड़ती 115 किमी की दौड़

विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। टिहरी की सीमा पर बसे रुद्रप्रयाग जिले की छह ग्राम पंचायतें राज्य निर्माण के 17 वर्ष में भी विकास की धारा में शामिल नहीं हो पाई हैं। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील स्तरीय कार्यों के लिए एकतरफा 115 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहां के जन प्रतिनिधियों और जरूरतमंदों को अपने तहसील और ब्लॉक स्तरीय कार्यों के लिए एक दिन पहले घरों से निकल रुद्रप्रयाग और तिलवाड़ा में रात गुजारनी पड़ती है।
वर्ष 1997 में टिहरी जिले से बने रुद्रप्रयाग जिले में शामिल की गईं 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में से पश्चिमी भरदार पट्टी के भ्यूंता, खरगेड, चौंडा-सिराई, सेरा, बांसी और स्यारी को आज तक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंक सुविधाओं के लिए, जहां इन गांवों के नौनिहाल और जरूरतमंद ग्रामीण 40 किमी का सफर कर श्रीनगर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

वहीं, स्थायी निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र सहित भूमि की रजिस्ट्री और अन्य तहसील और ब्लॉक स्तरीय कार्यों के लिए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को श्रीनगर से रुद्रप्रयाग होकर 115 किमी की दौड़ लगाकर जखोली पहुंचना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला देवी, ग्राम प्रधान सुषमा देवी, रामेश्वरी देवी, तेज सिंह धनई, पूर्व प्रधान केएस पुंडीर का कहना है कि दस वर्ष से वे धद्दी-सेरा-बांसी सड़क को बड़ियार-सौंराखाल मार्ग से लिंक करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई हैं, जबकि दोनों मार्गों के जुड़ने से सभी छह गांवों की जखोली से दूरी आधी हो जाती। शासन, प्रशासन और विभागीय अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। इन भौगोलिक विषमताओं के कारण गांवों को न तो सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और ना ही कोई अधिकारी-नेता यहां पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने मार्गो को जल्द लिंक कराने की मांग की है।


इनका कहना है -
विधानसभा सभा के दूरस्थ भ्यूंता, खरगेड सहित पश्चिमी भरदार के अन्य गांवों की लंबित सड़कों का निर्माण और विस्तार प्राथमिकता से किया जाएगा। इस संबंध में कार्यदायी संस्थाओं से जानकारी ली जा रही है। गांवों तक जरूरी सुुविधाएं पहुंचे, इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। - भरत सिंह चौधरी, विधायक रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed