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आधार कार्ड बनवाने के लिए लगानी पड़ रही 41 किमी दौड़
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केदारघाटी के 80 से अधिक ग्राम पंचायतों की तहसील ऊखीमठ में बीते छह माह से आधार कार्ड से जुड़ा काम ठप पड़ा है। ऐसे में आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन के लिए लोगों को 41 किमी से 90 किमी की दूरी तय कर रुद्रप्रयाग जाना पड़ रहा है।
तहसील क्षेत्र के गौंडार, रांसी, चौमासी, चिलौंड, ब्यूखी, गौरीकुंड, गिरीया, मक्कू, सारी, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, सेमी, भैंसारी सहित गांव के लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। इन हालातों में ग्रामीणों को जहां एक तरफा 41 से 90 किमी का सफर करना पड़ रहा है। मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को एक तरफा टैक्सी-मैक्सी का किराया ही तीन सौ से चार सौ रुपये देना पड़ रहा है। दूसरी तरफ बरसाती सीजन में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे आए दिन बाधित हो रहा है जिस कारण लोगों को अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। उद्योग व्यापार मंडल ऊखीमठ के अध्यक्ष राजीव भट्ट का कहना है कि प्रशासन को समस्या के बारे में बताने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
कोट
इस वर्ष जनवरी-फरवरी में विधानसभा चुनाव में ऑपरेटरों की व्यस्तता के कारण आधार कार्ड से जुड़ कार्य नहीं हो पाए थे जिस कारण आईडी को लॉक कर दिया गया है। आईडी के पुन: संचालन के लिए पत्राचार किया जा रहा है। - दीवान सिंह राणा, तहसीलदार ऊखीमठ।
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केस एक --
रांसी गांव के यशवंत सिंह बिष्ट दो दिन पूर्व रांसी गांव से अपनी बुजुर्ग मां के आधार कार्ड में संशोधन के लिए 70 किमी दूर रुद्रप्रयाग गए। इस दौरान जहां उन्हें हाईवे बंद होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। इससे पूर्व भी वह तहसील के कई चक्कर लगा चुके थे।
केस दो --
ऊखीमठ निवासी हेमेंद्र पाल को अपने बच्चे के आधार कार्ड में नाम संशोधित कराना है लेकिन तहसील कार्यालय में आधार कार्ड से जुड़ा काम ठप है। अब पांच वर्षीय बच्चे को लेकर 41 किमी दूर रुद्रप्रयाग जाने की तैयारी में हैं।
केस तीन
तहसील कार्यालय में आधार कार्ड से जुड़ा काम ठप है। ऐसे में गौंडार गांव के विजय सिंह पंवार आराध्य (6) व आशिका (4) को लेकर आधार कार्ड बनाने रुद्रप्रयाग ले गए। इस दौरान उन्हें गांव से रुद्रप्रयाग तक एक तरफा 76 किमी दूरी तय करनी पड़ी।
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तहसील क्षेत्र के गौंडार, रांसी, चौमासी, चिलौंड, ब्यूखी, गौरीकुंड, गिरीया, मक्कू, सारी, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, सेमी, भैंसारी सहित गांव के लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। इन हालातों में ग्रामीणों को जहां एक तरफा 41 से 90 किमी का सफर करना पड़ रहा है। मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को एक तरफा टैक्सी-मैक्सी का किराया ही तीन सौ से चार सौ रुपये देना पड़ रहा है। दूसरी तरफ बरसाती सीजन में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे आए दिन बाधित हो रहा है जिस कारण लोगों को अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। उद्योग व्यापार मंडल ऊखीमठ के अध्यक्ष राजीव भट्ट का कहना है कि प्रशासन को समस्या के बारे में बताने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
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कोट
इस वर्ष जनवरी-फरवरी में विधानसभा चुनाव में ऑपरेटरों की व्यस्तता के कारण आधार कार्ड से जुड़ कार्य नहीं हो पाए थे जिस कारण आईडी को लॉक कर दिया गया है। आईडी के पुन: संचालन के लिए पत्राचार किया जा रहा है। - दीवान सिंह राणा, तहसीलदार ऊखीमठ।
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केस एक --
रांसी गांव के यशवंत सिंह बिष्ट दो दिन पूर्व रांसी गांव से अपनी बुजुर्ग मां के आधार कार्ड में संशोधन के लिए 70 किमी दूर रुद्रप्रयाग गए। इस दौरान जहां उन्हें हाईवे बंद होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। इससे पूर्व भी वह तहसील के कई चक्कर लगा चुके थे।
केस दो --
ऊखीमठ निवासी हेमेंद्र पाल को अपने बच्चे के आधार कार्ड में नाम संशोधित कराना है लेकिन तहसील कार्यालय में आधार कार्ड से जुड़ा काम ठप है। अब पांच वर्षीय बच्चे को लेकर 41 किमी दूर रुद्रप्रयाग जाने की तैयारी में हैं।
केस तीन
तहसील कार्यालय में आधार कार्ड से जुड़ा काम ठप है। ऐसे में गौंडार गांव के विजय सिंह पंवार आराध्य (6) व आशिका (4) को लेकर आधार कार्ड बनाने रुद्रप्रयाग ले गए। इस दौरान उन्हें गांव से रुद्रप्रयाग तक एक तरफा 76 किमी दूरी तय करनी पड़ी।