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अधिकारियों की गैर मौजूदगी से बीडीसी बैठक स्थगित
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:40 PM IST
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जखोली। बीडीसी बैठक, अधिकारियों की गैर मौजूदगी के चलते स्थगित कर दी गई। बैठक स्थगित किए जाने से भड़के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बीते चार वर्ष से उनके प्रस्तावों पर अमल नहीं हो रहा है। विभागीय अधिकारी समस्याओं के निस्तारण के बजाय अगली बैठक का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में बीडीसी का कोई औचित्य नहीं है।
शनिवार को प्रात: 11 बजे ब्लाक प्रमुख राजकुुमारी रावत की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई, लेकिन सदन में जनप्रतिनिधियों के अलावा मात्र दो, तीन विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इसे कई ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि यह सदन की रीति बनकर रह गई है। बीते चार वर्षों से वह यह नजारा देखते आ रहे हैं। विभागीय जिलास्तरीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी और असक्षम अधिकारियों को भेजने की प्रवृत्ति के चलते क्षेत्र के विकास को गति नहीं मिल पा रही है। कई सदस्यों ने कहा कि पहली बीडीसी में शामिल प्रस्तावों पर भी आज तक विभाग कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। पूर्वी व पश्चिमी भरदार सहित अन्य दूरस्थ इलाकों के ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कहना था कि वे 80 से 115 किमी का सफर तय कर बीडीसी में शामिल होने पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते उन्हें हर बार मायूस होना पड़ता है। कहा कि डीपीसी बैठक के बाद बीडीसी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कई सदस्यों ने जिला योजना में उनके प्रस्तावों को शामिल नहीं करना का आरोप भी लगाया। सदस्यों के भारी विरोध के चलते प्रमुख ने सदन स्थगित कर दिया। बैठक की अगली तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस मौके पर बीडीओ आरएस राणा, जेष्ठ प्रमुख चैन सिंह पंवार, कनिष्ठ प्रमुख कमल रावत, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष एमएस पंवार, महामंत्री एसपी बहुगुणा, जिला पंचायत महावीर कैंतुरा सहित अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद थे।
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शनिवार को प्रात: 11 बजे ब्लाक प्रमुख राजकुुमारी रावत की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई, लेकिन सदन में जनप्रतिनिधियों के अलावा मात्र दो, तीन विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इसे कई ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि यह सदन की रीति बनकर रह गई है। बीते चार वर्षों से वह यह नजारा देखते आ रहे हैं। विभागीय जिलास्तरीय अधिकारियों की गैर मौजूदगी और असक्षम अधिकारियों को भेजने की प्रवृत्ति के चलते क्षेत्र के विकास को गति नहीं मिल पा रही है। कई सदस्यों ने कहा कि पहली बीडीसी में शामिल प्रस्तावों पर भी आज तक विभाग कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। पूर्वी व पश्चिमी भरदार सहित अन्य दूरस्थ इलाकों के ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कहना था कि वे 80 से 115 किमी का सफर तय कर बीडीसी में शामिल होने पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते उन्हें हर बार मायूस होना पड़ता है। कहा कि डीपीसी बैठक के बाद बीडीसी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कई सदस्यों ने जिला योजना में उनके प्रस्तावों को शामिल नहीं करना का आरोप भी लगाया। सदस्यों के भारी विरोध के चलते प्रमुख ने सदन स्थगित कर दिया। बैठक की अगली तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इस मौके पर बीडीओ आरएस राणा, जेष्ठ प्रमुख चैन सिंह पंवार, कनिष्ठ प्रमुख कमल रावत, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष एमएस पंवार, महामंत्री एसपी बहुगुणा, जिला पंचायत महावीर कैंतुरा सहित अन्य जन प्रतिनिधि मौजूद थे।
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