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पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ पुनर्निर्माण अक्तूबर में होगा पूरा
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:52 PM IST
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रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ पुनर्निर्माण के सभी कार्यों को इस वर्ष अक्तूबर तक पूरा कर दिया जाएगा। पांच योजनाओं के तहत 700 करोड़ रुपये से होने वाले निर्माण कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है।
आपदा से प्रभावित केदारनाथ धाम को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वयं दिलचस्पी ले रहे हैं। बीते वर्ष 3 मई को कपाट खुलने और पुन: कपाट बंद होने के एक दिन पूर्व 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री धाम पहुंचे थे। तब, उन्होंने पुनर्निर्माण के तहत पांच योजनाओं का शिलान्यास भी किया था, जिनकी लागत 700 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं के तहत प्रारंभिक चरण में मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण, मंदिर परिसर का विस्तार, संगम से मंदिर तक एप्रोच मार्ग और संगम पर चबूतरा निर्माण सहित मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर घाट व सुरक्षा दीवार निर्माण का कार्य किया जा रहा है। केदारनाथ की पैदल यात्रा को सरल व सुलभ बनाने के लिए जहां गौरीकुंड-केदारनाथ मुख्य पैदल मार्ग का सुधारीकरण किया जा रहा है, वहीं, लिनचोली से गौरीकुंड-केदारनाथ वैकल्पिक पैदल मार्ग का निर्माण कार्य जुलाई-अगस्त में पूरा कर दिया जाएगा। केदारनाथ मंदिर के पीछे 200 मीटर लंबे भव्य पार्क का निर्माण, आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल का पुनर्निर्माण, संग्रहालय और योग ध्यान केंद्र का निर्माण इस वर्ष अक्तूबर में पूरा होना है।
पुरोहितों के भवन चरणबद्ध होंगे तैयार
तीर्थ पुरोहितों के लिए बन रहे आवासीय भवनों पर लकड़ी से पहाड़ी शैली का रूप देना है। इन भवनों में जंगले, खंभे व खोली का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा। ट्रायल के तौर पर अप्रैल तक एक भवन को तैयार किया जाना है। पहले चरण में तैयार 40 से अधिक भवनों को अगले वर्ष तक पूरा किया जाएगा, जबकि अन्य भवनों को वर्ष 2021 तक बनाया जाएगा।
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इनका कहना है --
केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्य इस वर्ष अक्तूबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जो कार्य चल रहे हैं, वे अगले चार माह में पूरे कर दिए जाएंगे। जबकि शुरू होने वाले कार्यों को कपाट बंद होने से पूर्व पूरा किया जाना है। पीएमओ कार्यालय के निर्देशानुसार पुनर्निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग
आपदा से प्रभावित केदारनाथ धाम को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वयं दिलचस्पी ले रहे हैं। बीते वर्ष 3 मई को कपाट खुलने और पुन: कपाट बंद होने के एक दिन पूर्व 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री धाम पहुंचे थे। तब, उन्होंने पुनर्निर्माण के तहत पांच योजनाओं का शिलान्यास भी किया था, जिनकी लागत 700 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं के तहत प्रारंभिक चरण में मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण, मंदिर परिसर का विस्तार, संगम से मंदिर तक एप्रोच मार्ग और संगम पर चबूतरा निर्माण सहित मंदाकिनी व सरस्वती नदी पर घाट व सुरक्षा दीवार निर्माण का कार्य किया जा रहा है। केदारनाथ की पैदल यात्रा को सरल व सुलभ बनाने के लिए जहां गौरीकुंड-केदारनाथ मुख्य पैदल मार्ग का सुधारीकरण किया जा रहा है, वहीं, लिनचोली से गौरीकुंड-केदारनाथ वैकल्पिक पैदल मार्ग का निर्माण कार्य जुलाई-अगस्त में पूरा कर दिया जाएगा। केदारनाथ मंदिर के पीछे 200 मीटर लंबे भव्य पार्क का निर्माण, आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल का पुनर्निर्माण, संग्रहालय और योग ध्यान केंद्र का निर्माण इस वर्ष अक्तूबर में पूरा होना है।
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पुरोहितों के भवन चरणबद्ध होंगे तैयार
तीर्थ पुरोहितों के लिए बन रहे आवासीय भवनों पर लकड़ी से पहाड़ी शैली का रूप देना है। इन भवनों में जंगले, खंभे व खोली का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा। ट्रायल के तौर पर अप्रैल तक एक भवन को तैयार किया जाना है। पहले चरण में तैयार 40 से अधिक भवनों को अगले वर्ष तक पूरा किया जाएगा, जबकि अन्य भवनों को वर्ष 2021 तक बनाया जाएगा।
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इनका कहना है --
केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्य इस वर्ष अक्तूबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जो कार्य चल रहे हैं, वे अगले चार माह में पूरे कर दिए जाएंगे। जबकि शुरू होने वाले कार्यों को कपाट बंद होने से पूर्व पूरा किया जाना है। पीएमओ कार्यालय के निर्देशानुसार पुनर्निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग