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जिलाधिकारी ने पेयजल योजना की जांच को समिति की गठित
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:48 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने स्वजल की ओर से 13 लाख रुपये में बनाई गई पेयजल योजना में पानी सप्लाई नहीं होने पर पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया। उन्होंने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
जनता दरबार, तहसील दिवस बीडीसी व अन्य स्तर से दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विभाग समय पर समस्याएं हल करने के साथ ही की गई कार्रवाई भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा व भूकंप से क्षतिग्रस्त भवनों के संबंधित मुआवजे की रिपोर्ट तहसीलदार द्वारा सत्यापित किए बिना अग्रसारित की जा रही हैं, जो अनुचित है। पटवारी के पास सीधे आवासीय सहायता के लिए आने वाले प्रकरण में मुआवजे की धनराशि दी जाती है। जबकि जिला स्तर के प्रकरणों पर आपत्ति लगा दी जाती है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को ऐसे प्रकरणों में फोटो सहित रिपोर्ट का आकलन करने को कहा। बैठक में डीईओ बेसिक ने बताया कि वर्ष 2018-19 वित्तीय वर्ष में राप्रावि जवाड़ी, पपडासू, अंद्रवाडी व चिलौंड़ का निर्माण किया जाएगा। तीन वर्ष पूर्व गैर सरकारी संस्था आरआईसीएचए द्वारा अगस्त्यमुनि में 31 परिवारों के लिए बनाए गए भवनों के बदले प्रत्येक प्रभावित से 4200 रुपये वसूली की शिकायत पर डीएम ने सीओ को संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने को भी कहा। बैठक में डीएफओ मयंक शेखर, एसडीएम सदर देवानंद, देवमूर्ति यादव, डीडीओ एएस गुंज्याल, पीई एमएस नेगी आदि मौजूद थे।
जनता दरबार, तहसील दिवस बीडीसी व अन्य स्तर से दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि विभाग समय पर समस्याएं हल करने के साथ ही की गई कार्रवाई भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा व भूकंप से क्षतिग्रस्त भवनों के संबंधित मुआवजे की रिपोर्ट तहसीलदार द्वारा सत्यापित किए बिना अग्रसारित की जा रही हैं, जो अनुचित है। पटवारी के पास सीधे आवासीय सहायता के लिए आने वाले प्रकरण में मुआवजे की धनराशि दी जाती है। जबकि जिला स्तर के प्रकरणों पर आपत्ति लगा दी जाती है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को ऐसे प्रकरणों में फोटो सहित रिपोर्ट का आकलन करने को कहा। बैठक में डीईओ बेसिक ने बताया कि वर्ष 2018-19 वित्तीय वर्ष में राप्रावि जवाड़ी, पपडासू, अंद्रवाडी व चिलौंड़ का निर्माण किया जाएगा। तीन वर्ष पूर्व गैर सरकारी संस्था आरआईसीएचए द्वारा अगस्त्यमुनि में 31 परिवारों के लिए बनाए गए भवनों के बदले प्रत्येक प्रभावित से 4200 रुपये वसूली की शिकायत पर डीएम ने सीओ को संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने को भी कहा। बैठक में डीएफओ मयंक शेखर, एसडीएम सदर देवानंद, देवमूर्ति यादव, डीडीओ एएस गुंज्याल, पीई एमएस नेगी आदि मौजूद थे।
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