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पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर मेहरबान रहेगा मौसम
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:41 PM IST
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रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात नवंबर को प्रस्तावित केदारनाथ भ्रमण के दौरान मौसम साफ रहेगा। केदारपुरी समेत पूरे जिले में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग उत्तराखंड के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि छह से नौ नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। केदारनाथ धाम में भी चटक धूप खिली रहेगी।
इधर, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर शासन-प्रशासन के अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। रविवार को प्रात: 9 बजे से एसडीआरएफ व डीडीएमए द्वारा मंदिर मार्ग पर बर्फ की सफाई का कार्य शुरू किया गया। संगम से मंदिर तक 250 मीटर पर तीन फीट चौड़ाई पर बर्फ को साफ करते हुए प्राथमिकता से श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रास्ता बनाया गया है। इसी तरह वीआईपी हेलीपैड से मंदिर तक भी यह व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मंदाकिनी नदी के किनारे बन रही सुरक्षा दीवार और उसके ऊपर निर्माणाधीन आस्था पथ से भी बर्फ की सफाई की जा रही है। धाम में दिनभर बर्फ को हटाने का कार्य जारी रहा। इस दौरान अधिकारियों को भी खूब दौड़भाग करनी पड़ी। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर केदारनाथ में सभी तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां-जहां उन्हें स्थलीय निरीक्षण करना है, वहां की बर्फ प्राथमिकता से साफ कराई जा रही है। बर्फबारी के बाद जो हालात हैं, उसे देखते हुए संभवत: गरुड़चट्टी का भ्रमण स्थगित किया जा सकता है।
वीआईपी दौरे में पूर्व में भी मौसम बन चुका रोड़ा
रुद्रप्रयाग। वर्ष 2016 जून माह में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के केदारनाथ दौरे में मौसम रोड़ा बना था। उनका हेलीकॉप्टर गौरीकुंड से आगे नहीं बढ़ पाया था। तब राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर ने गौचर हवाई पट्टी पर लैंडिंग की थी, लेकिन दो घंटे बाद भी मौसम में सुधार नहीं होने पर उन्हें दिल्ली लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 28 सितंबर 2016 को केदारनाथ धाम के दर्शन किए थे। यहीं नहीं, वर्ष 2015 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी खराब मौसम के कारण केदारनाथ में ही रात बितानी पड़ी थी।
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इधर, प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर शासन-प्रशासन के अधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। रविवार को प्रात: 9 बजे से एसडीआरएफ व डीडीएमए द्वारा मंदिर मार्ग पर बर्फ की सफाई का कार्य शुरू किया गया। संगम से मंदिर तक 250 मीटर पर तीन फीट चौड़ाई पर बर्फ को साफ करते हुए प्राथमिकता से श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए रास्ता बनाया गया है। इसी तरह वीआईपी हेलीपैड से मंदिर तक भी यह व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मंदाकिनी नदी के किनारे बन रही सुरक्षा दीवार और उसके ऊपर निर्माणाधीन आस्था पथ से भी बर्फ की सफाई की जा रही है। धाम में दिनभर बर्फ को हटाने का कार्य जारी रहा। इस दौरान अधिकारियों को भी खूब दौड़भाग करनी पड़ी। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर केदारनाथ में सभी तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां-जहां उन्हें स्थलीय निरीक्षण करना है, वहां की बर्फ प्राथमिकता से साफ कराई जा रही है। बर्फबारी के बाद जो हालात हैं, उसे देखते हुए संभवत: गरुड़चट्टी का भ्रमण स्थगित किया जा सकता है।
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वीआईपी दौरे में पूर्व में भी मौसम बन चुका रोड़ा
रुद्रप्रयाग। वर्ष 2016 जून माह में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के केदारनाथ दौरे में मौसम रोड़ा बना था। उनका हेलीकॉप्टर गौरीकुंड से आगे नहीं बढ़ पाया था। तब राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर ने गौचर हवाई पट्टी पर लैंडिंग की थी, लेकिन दो घंटे बाद भी मौसम में सुधार नहीं होने पर उन्हें दिल्ली लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 28 सितंबर 2016 को केदारनाथ धाम के दर्शन किए थे। यहीं नहीं, वर्ष 2015 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी खराब मौसम के कारण केदारनाथ में ही रात बितानी पड़ी थी।
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