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100 किलोवाट की गौंडार जल विद्युत परियोजना से विद्युत उत्पादन ठप-compat
Updated Sun, 26 Aug 2018 10:40 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ तहसील के अंतर्गत जनपद के आखिरी गांव गौंडार की 100 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना से बीते 14 दिन से बिजली उत्पादन ठप है। गांव के 75 परिवार छिल्लों व लालटेन की रोशनी में जीवन यापन को मजबूर हैं। उरेडा का कहना है कि बरसात के कारण मधु गंगा का जलस्तर अधिक होने के कारण जल विद्युत परियोजना की पाइप लाइन की मरम्मत संभव नहीं है। सितंबर के बाद ही परियोजना को ठीक किया जा सकता है।
बीते 12 अगस्त को मूसलाधार बारिश से रांसी-मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर गौंडार गांव से करीब एक किमी आगे वणतोली में भारी भूस्खलन से जल विद्युत परियोजना की पाइप लाइन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। बोल्डर गिरने से कुछ पाइप पिचक गए हैं, जबकि कुछ छिटक कर नदी में बह गए हैं। परियोजना की पाइप लाइन टूटने से टरबाइन तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे विद्युत उत्पादन ठप है। ग्राम प्रधान सुमन देवी, वीर सिंह, एसएन पंवार आदि ने बताया कि परियोजना के निर्माण के बाद से पाइप लाइन तीन बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिस कारण ग्रामीणों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उरेडा के जेई डीएस पटवाल ने बताया कि परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया गया है। भूस्खलन से पाइप लाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
बीते 12 अगस्त को मूसलाधार बारिश से रांसी-मद्महेश्वर पैदल मार्ग पर गौंडार गांव से करीब एक किमी आगे वणतोली में भारी भूस्खलन से जल विद्युत परियोजना की पाइप लाइन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। बोल्डर गिरने से कुछ पाइप पिचक गए हैं, जबकि कुछ छिटक कर नदी में बह गए हैं। परियोजना की पाइप लाइन टूटने से टरबाइन तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे विद्युत उत्पादन ठप है। ग्राम प्रधान सुमन देवी, वीर सिंह, एसएन पंवार आदि ने बताया कि परियोजना के निर्माण के बाद से पाइप लाइन तीन बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिस कारण ग्रामीणों को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उरेडा के जेई डीएस पटवाल ने बताया कि परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया गया है। भूस्खलन से पाइप लाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
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