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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने की राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं ने राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर विधायक भरत सिंह चौधरी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
यहां आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि वर्ष 1957 से बाल विकास परियोजना में ईमानदारी से काम करती आ रही हैं, लेकिन मांगों की अनदेखी हो रही है। लगातार बढ़ रही महंगाई में भी आंगनबाड़ी कायकत्रियों को सिर्फ 3 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल है। उन्होंने राज्य कर्मचारी घोषित नहीं करने की स्थिति में न्यूनतम 18000 रुपये वेतनमान देने की बात कही। साथ ही मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समान कार्य, समान वेतन, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्यूएटी एवं चिकित्सा सुविधा की मांग भी की। बैठक में संघ की महामंत्री सुशीला खत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता भटट, जिलाध्यक्ष कुसुम सेमवाल, आरती गुर्साइं, सुनीता पुरोहित, बिंदु देवी, सुरेशी रावत और संतोषी नेगी आदि मौजूद थे।
यहां आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि वर्ष 1957 से बाल विकास परियोजना में ईमानदारी से काम करती आ रही हैं, लेकिन मांगों की अनदेखी हो रही है। लगातार बढ़ रही महंगाई में भी आंगनबाड़ी कायकत्रियों को सिर्फ 3 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल है। उन्होंने राज्य कर्मचारी घोषित नहीं करने की स्थिति में न्यूनतम 18000 रुपये वेतनमान देने की बात कही। साथ ही मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समान कार्य, समान वेतन, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्यूएटी एवं चिकित्सा सुविधा की मांग भी की। बैठक में संघ की महामंत्री सुशीला खत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता भटट, जिलाध्यक्ष कुसुम सेमवाल, आरती गुर्साइं, सुनीता पुरोहित, बिंदु देवी, सुरेशी रावत और संतोषी नेगी आदि मौजूद थे।
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