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जनपद में शौचालयों के निर्माण स्वजल को नहीं जानकारी
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जनपद में कितने शौचालय बन चुके हैं और कितने बन रहे हैं, इस बारे में स्वजल परियोजना के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं हैं। बुधवार को डीएम ने स्वजल परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया तो पता चला कि जो लोग शौचालय बना चुके हैं विभाग ने उनका भी अभी तक 8 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। इस पर डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए और रिपोर्ट आने तक स्वजल से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बुधवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल औचक निरीक्षण पर स्वजल परियोजना के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जब जिले में निर्मित शौचालयों और भुगतान की पंजिका मांगी तो परियोजना प्रबंधक से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक कुछ नहीं पता पाए। इसके बाद जब पूरी फाइल टटोली गई तो पाया कि अभी तक 8 करोड़ का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर डीएम ने कर्मियों को फटकार लगाई। डीएम ने पूछा की कहां शौचालय बने और कहां बन रहे हैं इसकी कोई रिपोर्ट तैयार की। अगर, आवेदक की ओर से शौचालय निर्माण की फोटो उपलब्ध कराई गई है, तो उसे भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी और परियोजना प्रबंधक एनएस रावत को मामले में 25 मार्च तक पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि जब तक कार्य पूरा नहीं होता, स्वजल से जुड़े किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का वेतन जारी नहीं किया जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर भुगतान मामले में अगर, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित का सीधे निलंबन किया जाएगा।
बुधवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल औचक निरीक्षण पर स्वजल परियोजना के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जब जिले में निर्मित शौचालयों और भुगतान की पंजिका मांगी तो परियोजना प्रबंधक से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक कुछ नहीं पता पाए। इसके बाद जब पूरी फाइल टटोली गई तो पाया कि अभी तक 8 करोड़ का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर डीएम ने कर्मियों को फटकार लगाई। डीएम ने पूछा की कहां शौचालय बने और कहां बन रहे हैं इसकी कोई रिपोर्ट तैयार की। अगर, आवेदक की ओर से शौचालय निर्माण की फोटो उपलब्ध कराई गई है, तो उसे भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी और परियोजना प्रबंधक एनएस रावत को मामले में 25 मार्च तक पूरी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि जब तक कार्य पूरा नहीं होता, स्वजल से जुड़े किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का वेतन जारी नहीं किया जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर भुगतान मामले में अगर, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित का सीधे निलंबन किया जाएगा।
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