{"_id":"5aa16bc04f1c1b8f778b4573","slug":"181520528320-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी शीशों की कार्यकत्री छह माह से बिना सूचना के गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी शीशों की कार्यकत्री छह माह से बिना सूचना के गायब
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
तिलवाड़ा। जखोली ब्लाक के ग्राम पंचायत शीशों में आंगनबाड़ी शिशु शिक्षा केंद्र की कार्यकत्री बिना सूचना के 6 माह से अनुपस्थित हैं। साथ ही केंद्र में भारतोल मशीन भी नहीं है, जिस कारण यहां प्रत्येक माह की 5 तारीख को बच्चों के वजन की माप भी नहीं हो रही है। डीएम ने पूरे प्रकरण में डीपीओ (जिला परियोजना अधिकारी) से स्पष्टीकरण मांगा है।
बृहस्पतिवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल ने आंगनबाड़ी शिशु शिक्षा केंद्र शीशों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी में तैनात सेविका से केंद्र की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि केंद्र की कार्यकत्री छह माह से बिना सूचना के अनुपस्थित है। इस दौरान केंद्र में भारतोल मशीन नहीं मिली और केंद्र को मिले पुष्टाहार में भी खाद्य पदार्थों के पैकेट मानक से कम मिले। साथ ही चना, आटा और सूजी के पैकेट सीलनयुक्त थे। इस पर जिलाधिकारी गुस्सा गए। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्थाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का कैसे शारीरिक और बौद्धिक विकास होगा। उन्होंने बाल विकास अधिकारी को केंद्र में भारतोल मशीन नहीं होने पर तत्काल स्पष्टीकरण देने और आंगनबाड़ी कार्यकत्री के अनुपस्थित होने के मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार को एयर टाइट पैकेट या डिब्बों में पैक कर भेजने को कहा।
बृहस्पतिवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल ने आंगनबाड़ी शिशु शिक्षा केंद्र शीशों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी में तैनात सेविका से केंद्र की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि केंद्र की कार्यकत्री छह माह से बिना सूचना के अनुपस्थित है। इस दौरान केंद्र में भारतोल मशीन नहीं मिली और केंद्र को मिले पुष्टाहार में भी खाद्य पदार्थों के पैकेट मानक से कम मिले। साथ ही चना, आटा और सूजी के पैकेट सीलनयुक्त थे। इस पर जिलाधिकारी गुस्सा गए। उन्होंने कहा कि इस तरह की अव्यवस्थाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का कैसे शारीरिक और बौद्धिक विकास होगा। उन्होंने बाल विकास अधिकारी को केंद्र में भारतोल मशीन नहीं होने पर तत्काल स्पष्टीकरण देने और आंगनबाड़ी कार्यकत्री के अनुपस्थित होने के मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार को एयर टाइट पैकेट या डिब्बों में पैक कर भेजने को कहा।
विज्ञापन