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संतान प्राप्ति को 50 दंपतियों ने मांगा भगवान कार्तिकेय से आशीष
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:30 PM IST
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रुद्रप्रयाग। क्रौंच पर्वत पर विराजमान भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में आयोजित दो दिवसीय बैकुंठ चतुर्दशी मेला में 50 निसंतान दंपतियों ने संतान प्राप्ति के लिए खड़ा दीया अनुष्ठान किया। इस दौरान मंदिर में महिला व युवक मंगल दलों की ओर से कीर्तन-भजन का आयोजन भी किया गया।
रुद्रप्रयाग व चमोली जनपद के 360 गांवों के आराध्य भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में मेले के शुभारंभ पर पुजारियों ने आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की। मूर्ति का श्रृंगार कर भोग लगाया गया। शाम पांच बजे से भगवान के जलाभिषेक के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जिससे पूरा क्रौंच पर्वत कार्तिकेय के जयकारों से गूंज उठा। रात्रि 8 बजे से मंदिर में महिला व युवक मंगल दलों सहित कीर्तन मंडलियों की ओर से रात्रि जागरण का आयोजन किया। पूरी रात चारों पहर भगवान कार्तिक स्वामी की पूजा-अर्चना की गई। वहीं मंदिर में दूर-दराज से आए 50 निसंतान दंपतियों ने हाथ में दीया लेकर पूरी रात भगवान की पूजा-अर्चना कर संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा। शुक्रवार को 11 बजे भगवान कार्तिकेय का जलाभिषेक कर इन श्रद्धालुओं ने आराध्य की पूजा की। इसके बाद मंदिर में देव नृत्य का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान कार्तिकेय अपने पश्वा पर अवतरित हुए और भक्तों को आशीष दिया। प्रसाद वितरण के साथ दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मौके पर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी, सचिव बलराम नेगी, पूरण सिंह नेगी, सते सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह, सुधीर नौटियाल, नंदूपुरी, सुरजी देवी सहित क्षेत्र के गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।
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रुद्रप्रयाग व चमोली जनपद के 360 गांवों के आराध्य भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में मेले के शुभारंभ पर पुजारियों ने आराध्य की विशेष पूजा-अर्चना की। मूर्ति का श्रृंगार कर भोग लगाया गया। शाम पांच बजे से भगवान के जलाभिषेक के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जिससे पूरा क्रौंच पर्वत कार्तिकेय के जयकारों से गूंज उठा। रात्रि 8 बजे से मंदिर में महिला व युवक मंगल दलों सहित कीर्तन मंडलियों की ओर से रात्रि जागरण का आयोजन किया। पूरी रात चारों पहर भगवान कार्तिक स्वामी की पूजा-अर्चना की गई। वहीं मंदिर में दूर-दराज से आए 50 निसंतान दंपतियों ने हाथ में दीया लेकर पूरी रात भगवान की पूजा-अर्चना कर संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा। शुक्रवार को 11 बजे भगवान कार्तिकेय का जलाभिषेक कर इन श्रद्धालुओं ने आराध्य की पूजा की। इसके बाद मंदिर में देव नृत्य का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान कार्तिकेय अपने पश्वा पर अवतरित हुए और भक्तों को आशीष दिया। प्रसाद वितरण के साथ दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मौके पर समिति के अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी, सचिव बलराम नेगी, पूरण सिंह नेगी, सते सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह, सुधीर नौटियाल, नंदूपुरी, सुरजी देवी सहित क्षेत्र के गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।
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