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कम आय वाले मरीजों का आर्थोपैडिक मामलों का होगा नि:शुल्क उपचार
Updated Thu, 13 Dec 2018 09:51 PM IST
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रुद्रप्रयाग। छह हजार से कम मासिक आमदानी वाले लोग, जिनका आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत कार्ड नहीं बने हुए हैं, उनके हड्डी रोग का नि:शुल्क उपचार जिला चिकित्सालय में हो सकेगा।
जिला चिकित्सालय में हड्डी रोगियों के उपचार/ऑपरेशन के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। ऐसे में यहां पहुंच रहे संबंधित मरीजों के मेजर व माइनर ऑपरेशन में लगनी वाली रॉड, प्लेट सहित अन्य जरूरी उपकरणों के लिए तीमारदारों को 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जो लोग सक्षम हैं, वह संबंधित उपकरण लाकर जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों से इलाज करा लेते है। जबकि गरीब व्यक्ति इसका खर्च वहन नहीं कर पाता, लेकिन अब, ऐसे जरूरतमंदों के हड्डी से जुड़े रोगों का नि:शुल्क उपचार हो सकेगा। छह हजार से कम मासिक आमदानी वाले लोगों का हड्डी रोग का इलाज का खर्च अस्पताल प्रबंधन उठाएगा। बीते 4 दिसंबर को डीएम मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल, चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में इस संबंध में चर्चा कर सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. दिनेश चंद्र सेमवाल ने बताया कि 6 हजार से कम आय वाले लोगों/मरीजों के हड्डी रोग से संबंधित इलाज नि:शुल्क किए जाएंगे। संबंधित व्यक्ति/मरीज को तहसील से आय प्रमाण लाना होगा, जिसके आधार पर उसे उसे चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
ऐसे में आया सुझाव ..
बीते दो माह में जंगल में घास काटने व अन्य कारणों से 14 महिलाएं घायल हो चुकी हैं। इनकी कमर, पैर और हाथ की हड्डी फ्रैक्चर हुई थी. लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इनके तीमारदार उचित उपचार नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने डीएम से मदद की गुहार की थी।
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हड्डी से जुड़ी चोटों का उपचार व ऑपरेशन काफी महंगा होता है, लेकिन गरीब लोग, इतना खर्च वहन करने में सक्षम नहीं होते हैं। इसलिए 6 हजार से कम आय वाले लोगों के हड्डी से संबंधित मामलों का इलाज अब जिला चिकित्सालय में नि:शुल्क होगा।
-- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी/अध्यक्ष, चिकित्सा प्रबंधन समिति जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग
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जिला चिकित्सालय में हड्डी रोगियों के उपचार/ऑपरेशन के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। ऐसे में यहां पहुंच रहे संबंधित मरीजों के मेजर व माइनर ऑपरेशन में लगनी वाली रॉड, प्लेट सहित अन्य जरूरी उपकरणों के लिए तीमारदारों को 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जो लोग सक्षम हैं, वह संबंधित उपकरण लाकर जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों से इलाज करा लेते है। जबकि गरीब व्यक्ति इसका खर्च वहन नहीं कर पाता, लेकिन अब, ऐसे जरूरतमंदों के हड्डी से जुड़े रोगों का नि:शुल्क उपचार हो सकेगा। छह हजार से कम मासिक आमदानी वाले लोगों का हड्डी रोग का इलाज का खर्च अस्पताल प्रबंधन उठाएगा। बीते 4 दिसंबर को डीएम मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल, चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में इस संबंध में चर्चा कर सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. दिनेश चंद्र सेमवाल ने बताया कि 6 हजार से कम आय वाले लोगों/मरीजों के हड्डी रोग से संबंधित इलाज नि:शुल्क किए जाएंगे। संबंधित व्यक्ति/मरीज को तहसील से आय प्रमाण लाना होगा, जिसके आधार पर उसे उसे चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
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ऐसे में आया सुझाव ..
बीते दो माह में जंगल में घास काटने व अन्य कारणों से 14 महिलाएं घायल हो चुकी हैं। इनकी कमर, पैर और हाथ की हड्डी फ्रैक्चर हुई थी. लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इनके तीमारदार उचित उपचार नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने डीएम से मदद की गुहार की थी।
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हड्डी से जुड़ी चोटों का उपचार व ऑपरेशन काफी महंगा होता है, लेकिन गरीब लोग, इतना खर्च वहन करने में सक्षम नहीं होते हैं। इसलिए 6 हजार से कम आय वाले लोगों के हड्डी से संबंधित मामलों का इलाज अब जिला चिकित्सालय में नि:शुल्क होगा।
-- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी/अध्यक्ष, चिकित्सा प्रबंधन समिति जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग