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नगर पंचायत में शामिल करने का ग्रामीणों ने किया विरोध
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:39 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत गीड़ भूतेर को नगर पंचायत तिलवाड़ा में मिलाए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। उन्होंने ग्राम पंचायत को पूर्ववत रखे जाने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन भेजा है।
ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम पुरी के नेतृत्व में पंचायत गीड-भुतेर के राजस्व ग्राम गीड, भुतेर व रामपुर के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार पर उनके ऊपर नगर पंचायत को थोपने का आरोप लगाया है। जनता के लगातार विरोध के बावजूद उनकी पंचायत को नगर पंचायत में शामिल किया गया है, जो अनुचित है। कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत कृषि बाहुल्य है, यहां, 85 फीसदी परिवार कृषि/खेती पर निर्भर है। कई परिवार मनरेगा में 100 दिन के रोजगार से अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। ऐसे में नगर पंचायत में मिलाने पर ग्रामीणों को जहां खेतों की सिंचाई के लिए लघु सिंचाई से वंचित होना पड़ेगा। वहीं, मनरेगा का अस्तित्व खत्म होने से कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को मिलने वाली आवास योजना, बीज, खाद्य, बीपीएल आदि योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में नगर पंचायत में शामिल किए जाने का विरोध किया है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान सहित डोली देवी, गुमान सिंह, सरिता, खुशी, जसोदा देवी, ललीता, अखिल, सुदामा, मनोरी सिंह, अंकित, राहुल, विमला देवी सहित 308 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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ग्राम प्रधान पुरुषोत्तम पुरी के नेतृत्व में पंचायत गीड-भुतेर के राजस्व ग्राम गीड, भुतेर व रामपुर के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार पर उनके ऊपर नगर पंचायत को थोपने का आरोप लगाया है। जनता के लगातार विरोध के बावजूद उनकी पंचायत को नगर पंचायत में शामिल किया गया है, जो अनुचित है। कहना है कि हमारी ग्राम पंचायत कृषि बाहुल्य है, यहां, 85 फीसदी परिवार कृषि/खेती पर निर्भर है। कई परिवार मनरेगा में 100 दिन के रोजगार से अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। ऐसे में नगर पंचायत में मिलाने पर ग्रामीणों को जहां खेतों की सिंचाई के लिए लघु सिंचाई से वंचित होना पड़ेगा। वहीं, मनरेगा का अस्तित्व खत्म होने से कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को मिलने वाली आवास योजना, बीज, खाद्य, बीपीएल आदि योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में नगर पंचायत में शामिल किए जाने का विरोध किया है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान सहित डोली देवी, गुमान सिंह, सरिता, खुशी, जसोदा देवी, ललीता, अखिल, सुदामा, मनोरी सिंह, अंकित, राहुल, विमला देवी सहित 308 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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