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सांदर गांव के ग्रामीणों ने मनरेगा व श्रमदान से बनाई 850 मीटर सड़क
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:50 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत सांदर के ग्रामीणों ने मनरेगा और श्रमदान के जरिये 850 मीटर सडक़ का निर्माण कर सरकार को आइना दिखाया है। गांव तक पहुंचने के लिए अभी 60 मीटर कटिंग कार्य शेष रह गया है। ग्रामीणों की सहभागिता की विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने मशीन से कटिंग को चौड़ा कर हरसंभव सहयोग की बात कही है।
सांदर के ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग से दो किमी खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। ऐसे में बीमार व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने में तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या का हल निकालने के लिए करीब डेढ़ माह पहले ग्राम प्रधान कमला देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मनरेगा में छोटे वाहनों के लायक 200 मीटर मार्ग का निर्माण किया। इस हिस्से को सीमेंट से भी मजबूत कर दिया गया है। बाद में ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क बनाने का संकल्प लिया। 110 परिवारों वाले गांव के 60 से अधिक परिवारों के एक-एक सदस्य प्रतिदिन श्रमदान से मार्ग निर्माण में जुटे रहे। खास बात यह है कि नौकरी पेशा लोग भी आफिस की छुट्टी के बाद श्रमदान में आधा से एक घंटा सहयोग कर रहे हैं। 10 दिनों में ही ग्रामीणों ने श्रमदान से 650 मीटर सड़क की कटिंग कर दी है। अब गांव तक सड़क पह़ंचने के लिए मात्र 50 मीटर कटिंग शेष रह गई है।
ग्रामीण हनुमंत सिंह जगवाण, जीतपाल सिंह, दयाल सिंह बिष्ट, राय सिंह बिष्ट ने कहा कि जिस तरह से बीते डेढ़ माह में प्रत्येक परिवार ने सड़क निर्माण में अपनी भूमिका निभाई है, वह प्रशंसनीय है। इधर, विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी ग्रामीणों की ओर से बनाई गई सड़क का स्थलीय निरीक्षरण करते हुए प्रशंसा की। उन्होंने निर्मित मार्ग के चौड़ीकरण व गांव तक पहुंचाने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। विधायक के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कर्मचारी मार्ग निरीक्षण को गांव गए और मार्ग का प्रारंभिक सर्वेक्षण किया गया। अगले दो दिनों में मशीन से चौड़ीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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सांदर के ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग से दो किमी खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। ऐसे में बीमार व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने में तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या का हल निकालने के लिए करीब डेढ़ माह पहले ग्राम प्रधान कमला देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मनरेगा में छोटे वाहनों के लायक 200 मीटर मार्ग का निर्माण किया। इस हिस्से को सीमेंट से भी मजबूत कर दिया गया है। बाद में ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क बनाने का संकल्प लिया। 110 परिवारों वाले गांव के 60 से अधिक परिवारों के एक-एक सदस्य प्रतिदिन श्रमदान से मार्ग निर्माण में जुटे रहे। खास बात यह है कि नौकरी पेशा लोग भी आफिस की छुट्टी के बाद श्रमदान में आधा से एक घंटा सहयोग कर रहे हैं। 10 दिनों में ही ग्रामीणों ने श्रमदान से 650 मीटर सड़क की कटिंग कर दी है। अब गांव तक सड़क पह़ंचने के लिए मात्र 50 मीटर कटिंग शेष रह गई है।
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ग्रामीण हनुमंत सिंह जगवाण, जीतपाल सिंह, दयाल सिंह बिष्ट, राय सिंह बिष्ट ने कहा कि जिस तरह से बीते डेढ़ माह में प्रत्येक परिवार ने सड़क निर्माण में अपनी भूमिका निभाई है, वह प्रशंसनीय है। इधर, विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी ग्रामीणों की ओर से बनाई गई सड़क का स्थलीय निरीक्षरण करते हुए प्रशंसा की। उन्होंने निर्मित मार्ग के चौड़ीकरण व गांव तक पहुंचाने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। विधायक के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कर्मचारी मार्ग निरीक्षण को गांव गए और मार्ग का प्रारंभिक सर्वेक्षण किया गया। अगले दो दिनों में मशीन से चौड़ीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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