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इस बार शीतकाल में तुंगनाथ नहीं जा सकेंगे पर्यटक
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:26 PM IST
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विनोद नौटियाल
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की शीतकाल में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने खास योजना बनाई है। दिसंबर माह से चोपता से मंदिर क्षेत्र में आवाजाही को पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। साथ ही वन विभाग और पुलिस को मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासन ने इस संबंध में विभाग को निर्देश जारी कर दिए है।
तुंगनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। बीते 27 अक्तूबर को धाम के कपाट बंद होने के बाद से बीकेटीसी की ओर से अपने चार कर्मचारी मंदिर की देखरेख के लिए तैनात किए गए हैं। दिसंबर माह से बर्फबारी शुरू होने पर ये कर्मचारी मंदिर क्षेत्र से नीचे चोपता में तैनात हो जाएंगे, जहां से वे किसी भी पर्यटक को मंदिर क्षेत्र तक नहीं जाने देंगे। दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से भी दिसंबर से मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग और पुलिस को सौंप दी जाएगी। दोनों विभागों से दो-दो जवान/कर्मचारी तुंगनाथ मंदिर में तैनात होंगे। तुंगनाथ मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि धाम की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बर्फबारी होने तक तक चार कर्मचारियों को मंदिर में तैनात कर दिया गया है।
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शीतकाल में तृतीय केदार तुंगनाथ धाम की सुरक्षा के लिए पुलिस और वन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। दोनों विभागों के दो-दो जवान/कर्मचारी मंदिर में तैनात किए जाएंगे। साथ ही वन विभाग को निर्देशित किया गया कि चोपता से पर्यटक या अन्य किसी को तुंगनाथ नहीं जाने दिया जाए। अगर, ऐसा पाया गया तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम ऊखीमठ
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ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की शीतकाल में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने खास योजना बनाई है। दिसंबर माह से चोपता से मंदिर क्षेत्र में आवाजाही को पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। साथ ही वन विभाग और पुलिस को मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासन ने इस संबंध में विभाग को निर्देश जारी कर दिए है।
तुंगनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। बीते 27 अक्तूबर को धाम के कपाट बंद होने के बाद से बीकेटीसी की ओर से अपने चार कर्मचारी मंदिर की देखरेख के लिए तैनात किए गए हैं। दिसंबर माह से बर्फबारी शुरू होने पर ये कर्मचारी मंदिर क्षेत्र से नीचे चोपता में तैनात हो जाएंगे, जहां से वे किसी भी पर्यटक को मंदिर क्षेत्र तक नहीं जाने देंगे। दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से भी दिसंबर से मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग और पुलिस को सौंप दी जाएगी। दोनों विभागों से दो-दो जवान/कर्मचारी तुंगनाथ मंदिर में तैनात होंगे। तुंगनाथ मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि धाम की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बर्फबारी होने तक तक चार कर्मचारियों को मंदिर में तैनात कर दिया गया है।
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शीतकाल में तृतीय केदार तुंगनाथ धाम की सुरक्षा के लिए पुलिस और वन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। दोनों विभागों के दो-दो जवान/कर्मचारी मंदिर में तैनात किए जाएंगे। साथ ही वन विभाग को निर्देशित किया गया कि चोपता से पर्यटक या अन्य किसी को तुंगनाथ नहीं जाने दिया जाए। अगर, ऐसा पाया गया तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम ऊखीमठ