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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के चौड़ीकरण में बरती लापरवाही पर भड़के डीएम
Updated Fri, 14 Dec 2018 09:47 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने चारधाम परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई मानकों के तहत नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों व ठेकेदार को कटिंग को मानकों के तहत करने और झूलती पहाड़ियों को पूरी तरह से ध्वस्त करने के आदेश दिए। कहा, कि कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने हाईवे पर कार्य कर रहे मजदूरों के लिए शौचालय बनाने के लिए भी कहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर हो रहे चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कटिंग और अन्य कार्यों में बरती गई लापरवाही पर रोष जताया। उन्होंने कार्यदायी संस्था आरजीबी को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस तरह से कार्य किया जा रहा है, वह हाईवे तो दूर पैदल मार्ग लायक भी नहीं हैं। भटवाड़ीसैंण में निर्माणाधीन गैबियन वॉल को देखकर डीएम भड़क उठे। उन्होंने कहा, कि जिस कार्य पर 40-50 मजदूर होने चाहिए थे, वहां गिनती के मजदूर लगे हैं। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता को घटिया बताते हुए 15 दिन में गुणवत्तापरक दीवार तैयार नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे पर कार्य कर रहे मजदूरों के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। कहा, कि यदि कार्यदायी संस्था मजदूरों के लिए शौचालय नहीं बना पा रही हैं तो कार्य रोक दे। हाईवे निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कस्बों में बन रही निकास नालियों की चौड़ाई बढ़ाने, सभी डंपिंग जोन में 10 दिन में गैबियन वॉल बनाने के के लिए कहा। साथ ही भीरी के समीप भूमि अधिग्रहण के निराकरण के लिए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ गोपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन जांच को कहा। इसके अलावा जलसंस्थान को सांकरी से आगे लगे 2 हैंडपंपों को हटाने के लिए भी कहा। मौके पर एसडीएम सदर देवानंद, ईई जेके त्रिपाठी, जीवित राम आदि मौजूद थे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर हो रहे चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कटिंग और अन्य कार्यों में बरती गई लापरवाही पर रोष जताया। उन्होंने कार्यदायी संस्था आरजीबी को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस तरह से कार्य किया जा रहा है, वह हाईवे तो दूर पैदल मार्ग लायक भी नहीं हैं। भटवाड़ीसैंण में निर्माणाधीन गैबियन वॉल को देखकर डीएम भड़क उठे। उन्होंने कहा, कि जिस कार्य पर 40-50 मजदूर होने चाहिए थे, वहां गिनती के मजदूर लगे हैं। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता को घटिया बताते हुए 15 दिन में गुणवत्तापरक दीवार तैयार नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे पर कार्य कर रहे मजदूरों के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। कहा, कि यदि कार्यदायी संस्था मजदूरों के लिए शौचालय नहीं बना पा रही हैं तो कार्य रोक दे। हाईवे निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कस्बों में बन रही निकास नालियों की चौड़ाई बढ़ाने, सभी डंपिंग जोन में 10 दिन में गैबियन वॉल बनाने के के लिए कहा। साथ ही भीरी के समीप भूमि अधिग्रहण के निराकरण के लिए उप जिलाधिकारी ऊखीमठ गोपाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन जांच को कहा। इसके अलावा जलसंस्थान को सांकरी से आगे लगे 2 हैंडपंपों को हटाने के लिए भी कहा। मौके पर एसडीएम सदर देवानंद, ईई जेके त्रिपाठी, जीवित राम आदि मौजूद थे।
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