फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   पुनर्निर्माण कार्यो में ली जाएगी पर्यावरण विशेषज्ञ की राय: मुख्य सचिव

पुनर्निर्माण कार्यो में ली जाएगी पर्यावरण विशेषज्ञ की राय: मुख्य सचिव

Wed, 08 Nov 2017 10:38 PM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
पुनर्निर्माण कार्यो में ली जाएगी पर्यावरण विशेषज्ञ की राय: मुख्य सचिव

विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि केदारनाथ धाम में होने वाले पुनर्निर्माण के सभी कार्यों में पर्यावरण विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। प्रत्येक कार्य में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने केदारनाथ मंदिर परिसर के चौड़ीकरण में बाधा बन रही श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की भोगशाला को अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव बुधवार को कमिश्नर गढ़वाल दिलीप जावलकर और अन्य विभागीय अधिकारियों व आर्किटेक्ट के साथ केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों और सरस्वती नदी किनारे बनाए जा रहे घाट निर्माण का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने मंदिर के पीछे पड़े मलबे को हटाने के निर्देश दिए ताकि आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का पुनर्निर्माण जल्द शुरू हो सके। उन्होंने डीएम को आर्किटेक्ट से जल्द डिजाइन तैयार करने को भी कहा, साथ ही मंदिर के पीछे पूरे क्षेत्र को आगामी यात्रा से पूर्व समतल करने के लिए जेएसडब्लू के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए। सरस्वती नदी से संगम तक मंदिर मार्ग का 50 फीट तक चौड़ीकरण कर सुधार के लिए लोनिवि के अधिकारियों को जेएसडब्लू व आर्किटेक्ट के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा, जिससे जल्द कार्य शुरू हो सके। सीसीटीवी कैमरे का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने डीएम को कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करने और ड्रोन कैमरा स्थापित करने के निर्देश दिए। इस दौरान निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल सहित लोनिवि, सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन


बर्फबारी नहीं हुई तो कृत्रिम बर्फ में होगी प्रतियोगिता
मुख्य सचिव पहुंचे औली, अधिकारियों की बैठक ली
औली में अगले वर्ष जनवरी में होनी है अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता
अमर उजाला ब्यूरो
जोशीमठ। राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बुधवार को औली स्कीइंग स्लोप का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को औली में अगले वर्ष आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन के लिए अभी से तैयारी में जुट जाने के निर्देश दिए। कहा कि यदि आयोजन से पहले औली में बर्फबारी नहीं हुई तो स्नोगन मशीनों की मदद से स्कीइंग स्लोप पर कृत्रिम बर्फ में प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य सचिव हेलीकाप्टर से दोपहर में साढ़े बारह बजे औली पहुंचे। यहां स्थानीय प्रशासन और आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ ही उन्होंने औली स्कीइंग स्लोप, स्नोगन मशीन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को औली में आगामी वर्ष जनवरी माह में आयोजित होने वाली स्कीइंग प्रतियोगिता के लिये सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिये। कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिये औली में जिन भी सुविधाओं की आवश्यकता होगी, वह आयोजन से पहले पूरी करनी हैं। इस दौरान गढ़वाल आयुक्त दिलीप जावलकर, निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल, एसपी तृप्ति भटट सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed