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प्रदेश में बड़े बांधों के निर्माण पार लगे रोक
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:23 PM IST
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रुद्रप्रयाग। हिमालय पर्वतीय महासभा ने उत्तराखंड की मूल धर्म संस्कृति को बचाने के लिए हिमाचल राज्य की तर्ज पर भू-अध्यादेश लाने की मांग की है। इस संबंध में महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष एचके किमोठी ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को छह सूत्री मांगों का ज्ञापन भेजा है।
किमोठी ने पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर बड़े बांधों के निर्माण पर रोक लगाए जाने, धार्मिक जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में शराब व मांस की दुकानें बंद किए जाने, राज्य के नव युवकों के हित में अंग्रेजों के जमाने की ठेकेदारी प्रथा को बंद किए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से निजी व सरकारी क्षेत्रों में काम कर रहे कामगारों को महंगाई के सापेक्ष मानदेय/भत्ता दिए जाने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंनेगढ़वाल सहित प्रदेश में रह रहे बाहरी लोगों के सत्यापन की मांग की है।
किमोठी ने पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर बड़े बांधों के निर्माण पर रोक लगाए जाने, धार्मिक जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में शराब व मांस की दुकानें बंद किए जाने, राज्य के नव युवकों के हित में अंग्रेजों के जमाने की ठेकेदारी प्रथा को बंद किए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से निजी व सरकारी क्षेत्रों में काम कर रहे कामगारों को महंगाई के सापेक्ष मानदेय/भत्ता दिए जाने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंनेगढ़वाल सहित प्रदेश में रह रहे बाहरी लोगों के सत्यापन की मांग की है।
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