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चौलाई का समर्थन मूल्य घोषित करने वाला पहला जिला बनेगा रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:47 PM IST
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विनय बहुगुणा
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग पहला जनपद बनेगा जो चौलाई (रामदाना) का समर्थन मूल्य घोषित करने जा रहा है। कृषि विभाग और एकीकृत आजीविका के माध्यम से स्थानीय काश्तकारों से 55 से 60 रुपये किलो की दर से चौलाई खरीदा जाएगा। इस वर्ष केदारनाथ में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को चौलाई के लड्डू व चूरण प्रसाद मिलेगा, इसे लेकर कार्य शुरू हो गया है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने नई पहल की है। उन्होंने जहां यात्राकाल में केदारनाथ सहित द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में चौलाई का प्रसाद अनिवार्य कर दिया है। वहीं, चौलाई का समर्थन मूल्य भी घोषित कर दिया है। साथ ही 29 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के लिए चौलाई का प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी एकीकृत आजीविका व सहकारिता के माध्यम से 100 से अधिक समूहों को सौंप दी गई है, जिसमें जनपद के तीनों ब्लाकों की करीब 2 हजार महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को आजीविका की ओर से इन दिनों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस सप्ताह से जनपद में चौलाई की खरीद शुरू कर दी जाएगी। वहीं केदारनाथ में चौलाई का लड्डू व चूरण के स्थान पर अन्य किसी भी प्रकार के प्रसाद के चढ़ावे व वितरण को रोकने के लिए केदारनाथ प्रसाद संघ का गठन किया गया है। इस संघ का बीकेटीसी के साथ एमओयू को लेकर प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। जल्द ही कागजी कार्रवाई पूरी कर अनुबंध हो जाएगा।
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एफएसएसएआई से लेना होगा लाइसेंस
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में प्रसाद के लिए तैयार किए जाने वाले चौलाई के लड्डू की गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैर्डड अथौरिटी ऑफ इण्डिया) से लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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जनपद में चौलाई का समर्थन दो-तीन दिन में घोषित कर स्थानीय काश्तकारों से खरीद शुरू कर दी जाएगी। साथ ही आजीविका व सहकारिता के माध्यम से 100 अधिक महिला समूहों को प्रसाद के लिए लड्डू व चूरण बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। चौलाई के लड्डू व चूरण के एक पैकेट की कीमत 40 रुपये तय की गई है।
- डीआर जोशी, मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग पहला जनपद बनेगा जो चौलाई (रामदाना) का समर्थन मूल्य घोषित करने जा रहा है। कृषि विभाग और एकीकृत आजीविका के माध्यम से स्थानीय काश्तकारों से 55 से 60 रुपये किलो की दर से चौलाई खरीदा जाएगा। इस वर्ष केदारनाथ में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को चौलाई के लड्डू व चूरण प्रसाद मिलेगा, इसे लेकर कार्य शुरू हो गया है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने नई पहल की है। उन्होंने जहां यात्राकाल में केदारनाथ सहित द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में चौलाई का प्रसाद अनिवार्य कर दिया है। वहीं, चौलाई का समर्थन मूल्य भी घोषित कर दिया है। साथ ही 29 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के लिए चौलाई का प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी एकीकृत आजीविका व सहकारिता के माध्यम से 100 से अधिक समूहों को सौंप दी गई है, जिसमें जनपद के तीनों ब्लाकों की करीब 2 हजार महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को आजीविका की ओर से इन दिनों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस सप्ताह से जनपद में चौलाई की खरीद शुरू कर दी जाएगी। वहीं केदारनाथ में चौलाई का लड्डू व चूरण के स्थान पर अन्य किसी भी प्रकार के प्रसाद के चढ़ावे व वितरण को रोकने के लिए केदारनाथ प्रसाद संघ का गठन किया गया है। इस संघ का बीकेटीसी के साथ एमओयू को लेकर प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। जल्द ही कागजी कार्रवाई पूरी कर अनुबंध हो जाएगा।
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एफएसएसएआई से लेना होगा लाइसेंस
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में प्रसाद के लिए तैयार किए जाने वाले चौलाई के लड्डू की गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैर्डड अथौरिटी ऑफ इण्डिया) से लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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जनपद में चौलाई का समर्थन दो-तीन दिन में घोषित कर स्थानीय काश्तकारों से खरीद शुरू कर दी जाएगी। साथ ही आजीविका व सहकारिता के माध्यम से 100 अधिक महिला समूहों को प्रसाद के लिए लड्डू व चूरण बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। चौलाई के लड्डू व चूरण के एक पैकेट की कीमत 40 रुपये तय की गई है।
- डीआर जोशी, मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग