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उतराखंड 17 वर्षो में 70 हजार हेक्टयेर भूमि हो चुकी नष्ट : राधा बहन
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:58 PM IST
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अगस्त्यमुनि। वन अध्ययन अभियान के तहत यहां पहुंचे सर्वोदयी कार्यकर्ताओं ने कहा कि उत्तरकाशी से केदारनाथ क्षेत्र तक नदी, घाटी पर बन रही 24 जल विद्युत परियोजनाओं को बीते वर्षो में हुई आपदाओं का मुख्य कारण बताया। उन्होंने ऑल वेदर रोड परियोजना में स्थानीय हक-हकूकों की अनदेखी पर भी चिंता जताई।
अगस्त्य पर्यावरण मित्र समिति के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में सर्वोदयी कार्यकर्ता सुरेश भाई ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन 4 से होकर गुजरेगी। साथ पंचेश्वर बांध भी पहाड़ के लिए खतरे की घंटी है। कहा कि मिलम, चोराबाड़ी, अलकनंदा और गोमुख ग्लेशियर खतरे में हैं। प्रख्यात सर्वोदयी कार्यकर्ता राधा बहन ने कहा कि राज्य गठन के बाद से 70 हजार हेक्टयेर उपजाऊ भूमि नष्ट हो चुकी है। सरकारें प्रकृति पर विजय पाने की सोच के साथ योजनाएं तैयार कर रही हैं, जो सही नहीं हैं। हिमालय लोक विकास नीति तैयार कर सरकार को सौंप दी गई है। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शासन की गलत नीतियों से पलायन जोरों पर है। बताया कि गांव व कस्बों में संगोष्ठियों में लोगों से बातचीत कर एक ड्राफ्ट तैयार कर शासन को सौंपा जाएगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पदम सिंह गुसाईं, सचिव नरेंद्र सेमवाल व सुशीला भंडारी, एलपी जोशी, पदम सिंह, हर्षवर्धन बेंजवाल, श्रीनंद जमलोकी, नीमा वैष्णव, उमा जोशी, राजेंद्र गोस्वामी, गिरीश बेंजवाल, बीडीओ धनेश्वरी नेगी, शर्मिला बगवाड़ी आदि मौजूद थे।
अगस्त्य पर्यावरण मित्र समिति के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में सर्वोदयी कार्यकर्ता सुरेश भाई ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन 4 से होकर गुजरेगी। साथ पंचेश्वर बांध भी पहाड़ के लिए खतरे की घंटी है। कहा कि मिलम, चोराबाड़ी, अलकनंदा और गोमुख ग्लेशियर खतरे में हैं। प्रख्यात सर्वोदयी कार्यकर्ता राधा बहन ने कहा कि राज्य गठन के बाद से 70 हजार हेक्टयेर उपजाऊ भूमि नष्ट हो चुकी है। सरकारें प्रकृति पर विजय पाने की सोच के साथ योजनाएं तैयार कर रही हैं, जो सही नहीं हैं। हिमालय लोक विकास नीति तैयार कर सरकार को सौंप दी गई है। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शासन की गलत नीतियों से पलायन जोरों पर है। बताया कि गांव व कस्बों में संगोष्ठियों में लोगों से बातचीत कर एक ड्राफ्ट तैयार कर शासन को सौंपा जाएगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पदम सिंह गुसाईं, सचिव नरेंद्र सेमवाल व सुशीला भंडारी, एलपी जोशी, पदम सिंह, हर्षवर्धन बेंजवाल, श्रीनंद जमलोकी, नीमा वैष्णव, उमा जोशी, राजेंद्र गोस्वामी, गिरीश बेंजवाल, बीडीओ धनेश्वरी नेगी, शर्मिला बगवाड़ी आदि मौजूद थे।
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