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मंत्री जी ने खाए हिचकोले, तो पता लगी सड़क की हकीकत
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:28 PM IST
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तिलवाड़ा। सिद्धसौड़ से मुसाढुंग-सूर्याप्रयाग मार्ग पर कैबिनेट मंत्री/प्रभारी जिला मंत्री यशपाल आर्य को भी हिचकोले खाकर जाना पड़ा। मार्ग की हालत पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तुरंत डीएम को कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को जखोली के सिद्वसौड़ में जनता दरबार के समापन के बाद देर शाम करीब 7 बजे केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य लावा-लश्कर के साथ मुसाढुंग-सूर्याप्रयाग मार्ग से तिलवाड़ा होते हुए रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हुए, लेकिन शुरू से आखिरी तक मार्ग पर जगह-जगह पड़े गड्ढे, मलबे के ढेर, दोनों तरफ बिखरे बेतरतीब पत्थर और हादसों को न्योता देते स्क्रपर के कारण 15 किमी मार्ग से तिलवाड़ा पहुंचने में मंत्री जी के वाहन को करीब डेढ़ घंटा लग गया। मंत्री के वाहन सारे रास्ते हिचकोले खाते रहे। उन्हें अपने ड्राइवर को कई बार वाहन की गति कम करने के लिए कहना पड़ा। इस दौरान उनके साथ विधायक भरत सिंह चौधरी व डीएम मंगेश घिल्डियाल भी थे। तिलवाड़ा पहुंचने पर केबिनेट मंत्री ने सड़क की बदहाली पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने डीएम मंगेश घिल्डियाल को सड़क निर्माण करने वाले तीनों विभागों (एडीबी, लोनिवि और पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने और 15 दिन में मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश देने को कहा। साथ ही सड़क निर्माण के जांच के आदेश भी दिए। वहीं डीएम ने कहा कि निर्माण में बरती गई कोताही की जांच की जाएगी। बताया कि संबंधित तीनों कार्यदायी संस्थाओं से जानकारी मांगी गई है।
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वर्ष 2015-16 अप्रैल सूर्याप्रयाग-मुसाढुंग करीब 15 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। मार्ग पर शुरूआती 4 किमी एडीबी, बीच का करीब 6 किमी लोनिवि और शेष 5 किमी पीएमजीएसवाई के पास है, लेकिन तीनों कार्यदायी संस्थाओं की ओर से सड़क निर्माण के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का काम किया गया है। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष दरम्यान सिंह जखवाल व महामंत्री दीपक सिंह का कहना है कि अधिकारियों को कई बार सड़क की स्थिति से अवगत कराने के बाद भी सुध नहीं ली जा रही है।
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जन शिकायतों के निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं : आर्य
कैबिनेट मंत्री ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश
>> जनता दरबार में दर्ज हुई 155 शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
जखोली। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के जनता दरबार में 155 शिकायतें दर्ज की गई। इस मौके ऑल वेदर रोड का मानक तय किए जाने की मांग पुरजोर से उठाई गई। कैबिनेट मंत्री ने प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को सभी शिकायतों को एक माह में निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जीआईसी सिद्धीसौड़ में आयोजित जनता दरबार में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री आर्य ने प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनने और तय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करना है। फरियादियों ने सड़क, स्वास्थ्य, मनरेगा, वन्य जीवों द्वारा खेती को हो रहे नुकसान, आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, स्कूलों में रिक्त पदों की शिकायतें मंत्री के सामने रखी। ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारियों की ओर से गांव की बजाय नगरीय क्षेत्रों में कार्यालय खोलने की शिकायत भी की, जिस पर डीएम ने सीडीओ को जरूरी निर्देश दिए। जनता दरबार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप में 110 मरीजों की जांच की गई और 02 दिव्यांग को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस मौके पर राजस्व विभाग ने 45 लोगों को प्रमाण पत्र और समाज कल्याण विभाग ने 6 को वृद्धा पेंशन व एक को विधवा पेंशन के चेक सौंपा। मौके पर विधायक भरत सिंह चौधरी, प्रमुख राजकुमारी रावत, नगर पंचायत केदारनाथ के अध्यक्ष देव प्रकाश सेमवाल, भाजपा जिला प्रभारी राजेंद्र अंथवाल, जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, प्रभारी सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, डीएम मंगेश घिल्डियाल, एसपी पीएन मीणा, सीडीओ डीआर जोशी सहित अन्य प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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बृहस्पतिवार को जखोली के सिद्वसौड़ में जनता दरबार के समापन के बाद देर शाम करीब 7 बजे केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य लावा-लश्कर के साथ मुसाढुंग-सूर्याप्रयाग मार्ग से तिलवाड़ा होते हुए रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हुए, लेकिन शुरू से आखिरी तक मार्ग पर जगह-जगह पड़े गड्ढे, मलबे के ढेर, दोनों तरफ बिखरे बेतरतीब पत्थर और हादसों को न्योता देते स्क्रपर के कारण 15 किमी मार्ग से तिलवाड़ा पहुंचने में मंत्री जी के वाहन को करीब डेढ़ घंटा लग गया। मंत्री के वाहन सारे रास्ते हिचकोले खाते रहे। उन्हें अपने ड्राइवर को कई बार वाहन की गति कम करने के लिए कहना पड़ा। इस दौरान उनके साथ विधायक भरत सिंह चौधरी व डीएम मंगेश घिल्डियाल भी थे। तिलवाड़ा पहुंचने पर केबिनेट मंत्री ने सड़क की बदहाली पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने डीएम मंगेश घिल्डियाल को सड़क निर्माण करने वाले तीनों विभागों (एडीबी, लोनिवि और पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने और 15 दिन में मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश देने को कहा। साथ ही सड़क निर्माण के जांच के आदेश भी दिए। वहीं डीएम ने कहा कि निर्माण में बरती गई कोताही की जांच की जाएगी। बताया कि संबंधित तीनों कार्यदायी संस्थाओं से जानकारी मांगी गई है।
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वर्ष 2015-16 अप्रैल सूर्याप्रयाग-मुसाढुंग करीब 15 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। मार्ग पर शुरूआती 4 किमी एडीबी, बीच का करीब 6 किमी लोनिवि और शेष 5 किमी पीएमजीएसवाई के पास है, लेकिन तीनों कार्यदायी संस्थाओं की ओर से सड़क निर्माण के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का काम किया गया है। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष दरम्यान सिंह जखवाल व महामंत्री दीपक सिंह का कहना है कि अधिकारियों को कई बार सड़क की स्थिति से अवगत कराने के बाद भी सुध नहीं ली जा रही है।
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जन शिकायतों के निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं : आर्य
कैबिनेट मंत्री ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश
>> जनता दरबार में दर्ज हुई 155 शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
जखोली। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के जनता दरबार में 155 शिकायतें दर्ज की गई। इस मौके ऑल वेदर रोड का मानक तय किए जाने की मांग पुरजोर से उठाई गई। कैबिनेट मंत्री ने प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को सभी शिकायतों को एक माह में निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जीआईसी सिद्धीसौड़ में आयोजित जनता दरबार में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री आर्य ने प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनने और तय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करना है। फरियादियों ने सड़क, स्वास्थ्य, मनरेगा, वन्य जीवों द्वारा खेती को हो रहे नुकसान, आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, स्कूलों में रिक्त पदों की शिकायतें मंत्री के सामने रखी। ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारियों की ओर से गांव की बजाय नगरीय क्षेत्रों में कार्यालय खोलने की शिकायत भी की, जिस पर डीएम ने सीडीओ को जरूरी निर्देश दिए। जनता दरबार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप में 110 मरीजों की जांच की गई और 02 दिव्यांग को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस मौके पर राजस्व विभाग ने 45 लोगों को प्रमाण पत्र और समाज कल्याण विभाग ने 6 को वृद्धा पेंशन व एक को विधवा पेंशन के चेक सौंपा। मौके पर विधायक भरत सिंह चौधरी, प्रमुख राजकुमारी रावत, नगर पंचायत केदारनाथ के अध्यक्ष देव प्रकाश सेमवाल, भाजपा जिला प्रभारी राजेंद्र अंथवाल, जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, प्रभारी सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, डीएम मंगेश घिल्डियाल, एसपी पीएन मीणा, सीडीओ डीआर जोशी सहित अन्य प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी मौजूद थे।