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भैरवनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के हुए हुए बंद
Updated Tue, 06 Nov 2018 09:40 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल के रूप में पूजनीय भगवान भैरवनाथ के मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान से बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भैरवनाथ के दर्शन किए। अब छह माह तक बाबा भैरवनाथ की पूजा पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी।
मंगलवार दोपहर एक बजे केदारनाथ मंदिर के पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान अपने पश्वा पर अवतरित होकर आराध्य ने अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद करते हुए भोग मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया और फिर डोली लेकर भक्त पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुए। अब, छह माह तक बाबा भैरवनाथ की पूजा यहीं होगी। भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही परंपरानुसार अब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने तक बाबा केदार की सायंकालीन आरती व श्रृंगार भी नहीं होगा। इस मौके पर बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, कार्यधिकारी एनपी जमलोकी सहित मंदिर समिति के अन्य कई लोग मौजूद थे।
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मंगलवार दोपहर एक बजे केदारनाथ मंदिर के पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान अपने पश्वा पर अवतरित होकर आराध्य ने अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद करते हुए भोग मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया और फिर डोली लेकर भक्त पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुए। अब, छह माह तक बाबा भैरवनाथ की पूजा यहीं होगी। भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही परंपरानुसार अब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने तक बाबा केदार की सायंकालीन आरती व श्रृंगार भी नहीं होगा। इस मौके पर बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, कार्यधिकारी एनपी जमलोकी सहित मंदिर समिति के अन्य कई लोग मौजूद थे।
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