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आज कांठा के लिए रवाना होगी हरियाली देवी
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। रानीगढ़ पट्टी के जसोली गांव में विराजमान प्रसिद्ध सिद्धपीठ हरियाली देवी आज देर शाम अपने मायके कांठा के लिए प्रस्थान करेगी। भगवती की कांठा यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मंदिर को फूलों से सजाया गया है।
अगस्त्यमुनि विकासखंड के जसोली में विराजमान हरियाली देवी की डोली धनतेरस के दिन देर शाम जसोली मंदिर के गर्भ गृह से निकलकर कांठा के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान डोली का पहला पड़ाव कोदिमा गांव, दूसरा बांसो और तीसरा पड़ाव पंचरंग्या होगा। जहां भगवती के स्नान करने के पश्चात फिर से यात्रा शुरू होगी। तड़के सुबह डोली कनखल तोक पहुंचेगी। जहां डोली को पाबौ गांव के ग्रामीणों के सुपुर्द किया जाएगा। पाबौ के ग्रामीणों को देवी के मायका पक्ष का माना जाता है। इसके बाद सूर्य की पहली किरण के साथ देवी कांठा स्थित मंदिर में पहुंचेगी। इस दौरान पूजा-अर्चना व हवन के साथ-साथ ग्रामीणों द्वारा भगवती को खीर का भोग लगाया जाता है। इसके पश्चात डोली पुन जसोली के लिए प्रस्थान करेगी। मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद चमोली ने बताया कि धनतेरस के दिन यात्रा शुरू होती है।
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अगस्त्यमुनि विकासखंड के जसोली में विराजमान हरियाली देवी की डोली धनतेरस के दिन देर शाम जसोली मंदिर के गर्भ गृह से निकलकर कांठा के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान डोली का पहला पड़ाव कोदिमा गांव, दूसरा बांसो और तीसरा पड़ाव पंचरंग्या होगा। जहां भगवती के स्नान करने के पश्चात फिर से यात्रा शुरू होगी। तड़के सुबह डोली कनखल तोक पहुंचेगी। जहां डोली को पाबौ गांव के ग्रामीणों के सुपुर्द किया जाएगा। पाबौ के ग्रामीणों को देवी के मायका पक्ष का माना जाता है। इसके बाद सूर्य की पहली किरण के साथ देवी कांठा स्थित मंदिर में पहुंचेगी। इस दौरान पूजा-अर्चना व हवन के साथ-साथ ग्रामीणों द्वारा भगवती को खीर का भोग लगाया जाता है। इसके पश्चात डोली पुन जसोली के लिए प्रस्थान करेगी। मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद चमोली ने बताया कि धनतेरस के दिन यात्रा शुरू होती है।
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