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कमेड़ा गांव की मां सन्यासणी देवी दिवारा यात्रा पर निकली
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत कमेड़ा की आराध्य देवी मां संन्यासणी की दिवारा यात्रा शनिवार से शुरू हो गई। मां संन्यासणी देवी की डोली ने गांव के घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी और उन्हें आशीर्वाद दिया। 12 साल वर्ष इस दिवारा का आयोजन हुआ है। मां के दर्शनों के लिए भारी भीड़ जुटी रही।
शनिवार को गांव में आराध्य देवी मां संन्यासणी के मंदिर में विशेष पूजा शुरू हुई। मुख्य पुजारी त्रिभुवन शर्मा ने देवी का शृंगार कर भोग लगाया। पुजारी रमेश सेमवाल ने देवी की मूर्ति व डोली पर गायत्री शक्तियों को समाहित किया ताकि भ्रमण के दौरान कोई दिक्कत न हो। इसके बाद देवी की मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया तो पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर से प्रस्थान करने के बाद डोली ने गांव के प्रत्येक घर के आंगन में जाकर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद ढोल-दमाऊं व पारंपरिक गीतों के साथ ग्रामीणों ने देवी को चारों दिशाओं की दिवारा यात्रा के लिए विदा किया। मां संन्यासणी दिवारा यात्रा में पहले प्रवास पर ग्राम पंचायत गंधारी पहुंची। यहां पर ग्राम प्रधान व महिला व युवक मंगल दल के नेतृत्व में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां रात को देवी जागरण का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत कमेठा के वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि संन्यासणी देवी की दिवारा यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष में होती है। आराध्य मां भगवती 12 वर्ष तक अपने मंदिर में विराजमान रहती हैं और दिवारा यात्रा के तहत चारों दिशाओं का भ्रमण करती हैं। यात्रा पूरी होने के बाद देवी के मंदिर में बन्याथ का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष बलवीर सिंह राणा ने दिवारा के सफल संचालन के लिए सभी क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की।
शनिवार को गांव में आराध्य देवी मां संन्यासणी के मंदिर में विशेष पूजा शुरू हुई। मुख्य पुजारी त्रिभुवन शर्मा ने देवी का शृंगार कर भोग लगाया। पुजारी रमेश सेमवाल ने देवी की मूर्ति व डोली पर गायत्री शक्तियों को समाहित किया ताकि भ्रमण के दौरान कोई दिक्कत न हो। इसके बाद देवी की मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया तो पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर से प्रस्थान करने के बाद डोली ने गांव के प्रत्येक घर के आंगन में जाकर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद ढोल-दमाऊं व पारंपरिक गीतों के साथ ग्रामीणों ने देवी को चारों दिशाओं की दिवारा यात्रा के लिए विदा किया। मां संन्यासणी दिवारा यात्रा में पहले प्रवास पर ग्राम पंचायत गंधारी पहुंची। यहां पर ग्राम प्रधान व महिला व युवक मंगल दल के नेतृत्व में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां रात को देवी जागरण का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत कमेठा के वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि संन्यासणी देवी की दिवारा यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष में होती है। आराध्य मां भगवती 12 वर्ष तक अपने मंदिर में विराजमान रहती हैं और दिवारा यात्रा के तहत चारों दिशाओं का भ्रमण करती हैं। यात्रा पूरी होने के बाद देवी के मंदिर में बन्याथ का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष बलवीर सिंह राणा ने दिवारा के सफल संचालन के लिए सभी क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की।
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