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11 गांवों के सहयोग से 11 दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:37 PM IST
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गुप्तकाशी। केदारघाटी के 11 गांवों की ओर से संयुक्त रूप से विश्वनाथ मंदिर परिसर में 11 दिवसीय धार्मिक लीलाओं का आयोजन हुआ। पहले दिन रामायण पर आधारित कैलाश लीला और श्रवण-दशरथ संवाद का भव्य मंचन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के गांवों से दर्शकों से भारी भीड़ जुटी रही।
केदारघाटी के गुप्तकाशी, सेमी-भैंसारी, सांकरी, देवर, रुद्रपुर, नाला, नारायणकोटी, देवसाल व कोठेड़ा गांव की ओर से विशेष धार्मिक आयोजन का शुभारंभ किया गया। मंदिर परिसर में आयोजन का शुभारंभ गुजरात के उद्योगपति दयाराम भाई थपलियाल ने किया। उन्होंने आयोजन में हरसंभव मदद की बात कही। समिति के अध्यक्ष मदन सिंह रावत ने धार्मिक लीलाओं के बारे में बताया। पहले दिन कैलाश लीला के तहत लंकापति रावण के भाई कुंभकरण व विभीषण के साथ ब्रह्मा जी की तपस्या का मंचन किया गया। अयोध्या के राजा दशरथ के भूलवश श्रवण कुमार को तीर मारने की लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, सचिव रघुवीर सिंह असवाल, संयोजक राय सिंह राणा, विश्वनाथ मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग, आनंदमणि सेमवाल, केएन नौटियाल और सुरेंद्र दत्त नौटियाल सहित कई लोग मौजूद थे।
केदारघाटी के गुप्तकाशी, सेमी-भैंसारी, सांकरी, देवर, रुद्रपुर, नाला, नारायणकोटी, देवसाल व कोठेड़ा गांव की ओर से विशेष धार्मिक आयोजन का शुभारंभ किया गया। मंदिर परिसर में आयोजन का शुभारंभ गुजरात के उद्योगपति दयाराम भाई थपलियाल ने किया। उन्होंने आयोजन में हरसंभव मदद की बात कही। समिति के अध्यक्ष मदन सिंह रावत ने धार्मिक लीलाओं के बारे में बताया। पहले दिन कैलाश लीला के तहत लंकापति रावण के भाई कुंभकरण व विभीषण के साथ ब्रह्मा जी की तपस्या का मंचन किया गया। अयोध्या के राजा दशरथ के भूलवश श्रवण कुमार को तीर मारने की लीला का मंचन किया गया। इस मौके पर पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, सचिव रघुवीर सिंह असवाल, संयोजक राय सिंह राणा, विश्वनाथ मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग, आनंदमणि सेमवाल, केएन नौटियाल और सुरेंद्र दत्त नौटियाल सहित कई लोग मौजूद थे।
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