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पश्वा पर अवतरित होकर मां हरियाली ने पूछी कुशलक्षेम
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:57 PM IST
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रुद्रप्रयाग। नवासू गांव में मां हरियाली देवी की जात के दूसरे दिन पश्वा पर अवतरित होकर मां हरियाली देवी ने भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। आराध्य ने सुख-समृद्धि का आशीष देते हुए नियमित पूजन का वचन भी लिया। इस मौके पर देव नृत्य को देखने भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।
बुधवार सुबह नौ बजे मंदिर में पं. देवी प्रसाद बहुगुणा व विजय बहुगुणा ने विशेष पूजा-अर्चना कर मां हरियाली का श्रृंगार किया। इसके बाद देवी को भोग लगाया गया। महिला मंगल दल ने देवी के भजन-कीर्तन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। दोपहर 1.30 बजे से परिसर में देव नृत्य शुरू हुआ। ढोल-दमाऊं की थाप पर देव गीतों के साथ सर्वप्रथम मां राजराजेश्वरी अपने पश्वा पर अवतरित हुई। देवी ने पुष्प-अक्षत से भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद आराध्य हरियाली देवी पश्वा पर अवतरित हुई। इस मौके पर पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। भक्तों को देखकर आराध्य भावुक हो गई। आंखों से बहते आंसुओं पर आराध्य ने कहा कहा कि मैं अपने भक्तों को देखकर खुश हूं। मुझे इसी तरह से याद करते रहना। इसके बाद हीत, घंडियाल, नृसिंह, नागराजा, काली आदि देवी-देवता भी पश्वाओं पर अवतरित हुए। इस मौके पर नवासू, बंगोली, खिंगासारी, डांडरा, मोल्ठा, खेड़ाखाल, नौखू, मुसोली, गहड़, चुराडोब सहित अन्य क्षेत्रों के देवी भक्त मौजूद थे।
इससे पहले मुख्य अतिथि अगस्त्यमुनि के ब्लाक प्रमुख जगमोीन सिंह रौथाण ने आयोजन को लेकर समिति को बधाई दी। कहा कि प्राचीन परंपराओं और रीति-रीवाजों के संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को आगे आना होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष व पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह रौथाण, संरक्षण प्रेम सिंह रौथाण, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रौथाण, मंत्री धीरेंद्र सिंह रौथाण, कमलेंद्र सिंह रौथाण, ग्राम प्रधान भूपति रौथाण, गजेंद्र सिंह रौथाण आदि मौजूद थे।
बुधवार सुबह नौ बजे मंदिर में पं. देवी प्रसाद बहुगुणा व विजय बहुगुणा ने विशेष पूजा-अर्चना कर मां हरियाली का श्रृंगार किया। इसके बाद देवी को भोग लगाया गया। महिला मंगल दल ने देवी के भजन-कीर्तन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। दोपहर 1.30 बजे से परिसर में देव नृत्य शुरू हुआ। ढोल-दमाऊं की थाप पर देव गीतों के साथ सर्वप्रथम मां राजराजेश्वरी अपने पश्वा पर अवतरित हुई। देवी ने पुष्प-अक्षत से भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद आराध्य हरियाली देवी पश्वा पर अवतरित हुई। इस मौके पर पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। भक्तों को देखकर आराध्य भावुक हो गई। आंखों से बहते आंसुओं पर आराध्य ने कहा कहा कि मैं अपने भक्तों को देखकर खुश हूं। मुझे इसी तरह से याद करते रहना। इसके बाद हीत, घंडियाल, नृसिंह, नागराजा, काली आदि देवी-देवता भी पश्वाओं पर अवतरित हुए। इस मौके पर नवासू, बंगोली, खिंगासारी, डांडरा, मोल्ठा, खेड़ाखाल, नौखू, मुसोली, गहड़, चुराडोब सहित अन्य क्षेत्रों के देवी भक्त मौजूद थे।
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इससे पहले मुख्य अतिथि अगस्त्यमुनि के ब्लाक प्रमुख जगमोीन सिंह रौथाण ने आयोजन को लेकर समिति को बधाई दी। कहा कि प्राचीन परंपराओं और रीति-रीवाजों के संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को आगे आना होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष व पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह रौथाण, संरक्षण प्रेम सिंह रौथाण, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रौथाण, मंत्री धीरेंद्र सिंह रौथाण, कमलेंद्र सिंह रौथाण, ग्राम प्रधान भूपति रौथाण, गजेंद्र सिंह रौथाण आदि मौजूद थे।
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