{"_id":"59e0ee844f1c1b59678b5ac5","slug":"131507913348-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रभु श्रीराम के स्मरण मात्र से दूर हो जाते कष्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रभु श्रीराम के स्मरण मात्र से दूर हो जाते कष्ट
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
ऊखीमठ। श्री श्री बदरायण धर्माथ कासेसु जन जागृति समिति रायपुर देहरादून की ओर से पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित भगवान राम कथा के पहले दिन 51 जल कलशों में जल भरकर भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
बीकेटीसी के सहयोग से आयोजित रामकथा के पहले दिन भटवाड़ी गांव के प्राकृतिक जल स्रोत से 51 जल कलशों के साथ भव्य जलयात्रा निकाली गई। इसके बाद कथा वाचन करते हुए कथावाचक पंडित हरिशरणम जी शास्त्री ने कहा कि जिस भी मनुष्य ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का सच्चे मन से स्मरण किया, वह कष्ट मुक्त हो जाता है। कहा कि सुख व दुख जीवन के दो पहलु है। इसके लिए जीवन में कभी भी धैर्य नहीं खोना चाहिए। इस मौके पर ओम प्रकाश ध्यानी, उपाध्यक्ष अंकित भट्ट, सलाहकार नवीन बगवाडी, मंदिर समिति के वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, पुष्कर सिंह रावत, नवीन शैव, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन शैव, राजकुमार नौटियाल, धर्मानंद नौटियाल आदि मौजूद थे। ब्यूरो
विज्ञापन
बीकेटीसी के सहयोग से आयोजित रामकथा के पहले दिन भटवाड़ी गांव के प्राकृतिक जल स्रोत से 51 जल कलशों के साथ भव्य जलयात्रा निकाली गई। इसके बाद कथा वाचन करते हुए कथावाचक पंडित हरिशरणम जी शास्त्री ने कहा कि जिस भी मनुष्य ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का सच्चे मन से स्मरण किया, वह कष्ट मुक्त हो जाता है। कहा कि सुख व दुख जीवन के दो पहलु है। इसके लिए जीवन में कभी भी धैर्य नहीं खोना चाहिए। इस मौके पर ओम प्रकाश ध्यानी, उपाध्यक्ष अंकित भट्ट, सलाहकार नवीन बगवाडी, मंदिर समिति के वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, पुष्कर सिंह रावत, नवीन शैव, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन शैव, राजकुमार नौटियाल, धर्मानंद नौटियाल आदि मौजूद थे। ब्यूरो
विज्ञापन