{"_id":"5a904d084f1c1b2a788b7790","slug":"121519406344-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब, केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ में मिलेगा 9 स्थानीय उत्पादों का प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब, केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ में मिलेगा 9 स्थानीय उत्पादों का प्रसाद
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। आगामी यात्रा में बाबा केदार के भक्तों को केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ धाम में नियमित रूप से 9 स्थानीय उत्पादों वाला प्रसाद दिया जाएगा। प्रसाद में चौलाई के लड्डू, खुमेरा, केदारनाथ संगम का जल, बेल पत्री, शहद, बाबा केदार की भष्म, स्थानीय धूप व बाबा केदार का सिक्का शामिल है। प्रशासन की ओर से एकीकृत आजीविका व सहकारिता को प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यात्राकाल में स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मुहैया कराने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ सहित द्वितीय व तृतीय केदार में श्रद्धालुओं को स्थानीय उत्पादों से बना प्रसाद भेंट करने की योजना तैयार की है। प्रसाद को रिंगाल, जूट, कपड़ा और कागज के बैग में पैक किया जाएगा। इन बैग की दरें जल्द निर्धारित की जाएंगी। यात्रा शुरू होने से पहले पर्याप्त मात्रा में प्रसाद तैयार हो जाए, इसके लिए एकीकृत आजीविका और सहकारिता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आजीविका पहले चरण में 10 कुंतल चौलाई खरीदेगा। अधिकारियों की मानें तो केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ धाम में चौलाई के लड्डू उपलब्ध कराने के लिए यात्राकाल में लगभग 80 टन चौलाई की जरूरत होगी, जिसे जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से खरीदा जाएगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूह को जड़ी-बूटियों से तैयार की जा रही धूप के करीब 2 लाख पैकेट यात्रा शुरू होने तक तैयार करने को कहा गया है। प्रसाद व्यवस्था के नियमित संचालन के लिए प्रशासन और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में बीते वर्ष सितंबर में अनुबंध भी हो चुका है। अब इस व्यवस्था के तहत मंदिर समिति जहां धाम से बाबा केदार की भष्म, बाबा केदार का सिक्का व संगम का जल उपलब्ध कराएगी। वहीं, प्रशासन संस्थाओं के सहयोग से अन्य उत्पाद तैयार कर उनकी पैकिंग करेगा। अधिकारियों की मानें तो 29 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलने पर धाम में एक लाख पैकेट भेज दिए जाएंगे।
इनका कहना है --
डीएम के सुझाव पर स्थानीय उत्पादों को रोजगार से जोड़ने और देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए स्थानीय उत्पादों को केदारनाथ प्रसाद के रूप में शामिल किया गया है। इस वर्ष की यात्रा से इस व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। भविष्य में केदारनाथ प्रसाद को स्थानीय खुले बाजार में भी उतारा जाएगा, जिससे श्रद्धालु आसानी से खरीद सके।
विज्ञापन
---- डीआर जोशी, मुख्य विकास अधिकारी, रुद्रप्रयाग
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने यात्राकाल में स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मुहैया कराने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ सहित द्वितीय व तृतीय केदार में श्रद्धालुओं को स्थानीय उत्पादों से बना प्रसाद भेंट करने की योजना तैयार की है। प्रसाद को रिंगाल, जूट, कपड़ा और कागज के बैग में पैक किया जाएगा। इन बैग की दरें जल्द निर्धारित की जाएंगी। यात्रा शुरू होने से पहले पर्याप्त मात्रा में प्रसाद तैयार हो जाए, इसके लिए एकीकृत आजीविका और सहकारिता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आजीविका पहले चरण में 10 कुंतल चौलाई खरीदेगा। अधिकारियों की मानें तो केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ धाम में चौलाई के लड्डू उपलब्ध कराने के लिए यात्राकाल में लगभग 80 टन चौलाई की जरूरत होगी, जिसे जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से खरीदा जाएगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूह को जड़ी-बूटियों से तैयार की जा रही धूप के करीब 2 लाख पैकेट यात्रा शुरू होने तक तैयार करने को कहा गया है। प्रसाद व्यवस्था के नियमित संचालन के लिए प्रशासन और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में बीते वर्ष सितंबर में अनुबंध भी हो चुका है। अब इस व्यवस्था के तहत मंदिर समिति जहां धाम से बाबा केदार की भष्म, बाबा केदार का सिक्का व संगम का जल उपलब्ध कराएगी। वहीं, प्रशासन संस्थाओं के सहयोग से अन्य उत्पाद तैयार कर उनकी पैकिंग करेगा। अधिकारियों की मानें तो 29 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलने पर धाम में एक लाख पैकेट भेज दिए जाएंगे।
विज्ञापन
इनका कहना है --
डीएम के सुझाव पर स्थानीय उत्पादों को रोजगार से जोड़ने और देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए स्थानीय उत्पादों को केदारनाथ प्रसाद के रूप में शामिल किया गया है। इस वर्ष की यात्रा से इस व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। भविष्य में केदारनाथ प्रसाद को स्थानीय खुले बाजार में भी उतारा जाएगा, जिससे श्रद्धालु आसानी से खरीद सके।
विज्ञापन
---- डीआर जोशी, मुख्य विकास अधिकारी, रुद्रप्रयाग