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रोप लांचर से पार कर सकेंगे टूटी सड़क, गाड़-गदेरे
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:41 PM IST
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रुद्रप्रयाग। रोप लांचर उपकरण की मदद से अब बरसात से टूटी सड़कों सहित उफान पर बह रहे गाड़-गदेरों व नालों के साथ ही नदी को भी पार किया जा सकेगा। इस उपकरण से विषम परिस्थितियों में रेस्क्यू करने में भी काफी मदद मिलेगी। डीएम की मौजूदगी में आस्का कंपनी ने अलकनंदा नदी पर इस उपकरण का सफल डेमो भी किया।
गन आकृति के रोप लांचर की न्यूनतम क्षमता 100 मीटर व अधिकतम वजन 11 किलोग्राम है। गन की तरह शूट कर इस उपकरण से रस्सी के साथ एक लाइव जैकेट पीड़ित को पहुंचाई जाती है और फिर रेस्क्यू किया जाता है। शुक्रवार को अलकनंदा नदी पर आस्का कंपनी के उत्तर भारत के अधिकारी त्रिलोकनाथ के नेतृत्व में डीएम मंगेश घिल्डियाल की मौजूदगी में डेमो किया गया। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि इस उपकरण की मदद से नदी, बाढ़, क्षतिग्रस्त सडक़, टूटे पुल सहित अन्य विषम परिस्थितियों में एक किनारे से दूसरे किनारे तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। आपदा व दुर्घटना के दौरान भी रोप लांचर के प्रयोग से कनेक्टिविटी को रिस्टोर किया जा सकता है। जिलाधिकारी घिल्डियाल ने बताया कि उपकरण का प्रारंभिक डेमो सफल रहा है। आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर फिर डेमो किया जाएगा। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी देवानंद, सीओ अभय कुमार, एसीएमओ डा. ओपी आर्य, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला सहित कंपनी के अधिकारी व अन्य सदस्य मौजूद थे।
गन आकृति के रोप लांचर की न्यूनतम क्षमता 100 मीटर व अधिकतम वजन 11 किलोग्राम है। गन की तरह शूट कर इस उपकरण से रस्सी के साथ एक लाइव जैकेट पीड़ित को पहुंचाई जाती है और फिर रेस्क्यू किया जाता है। शुक्रवार को अलकनंदा नदी पर आस्का कंपनी के उत्तर भारत के अधिकारी त्रिलोकनाथ के नेतृत्व में डीएम मंगेश घिल्डियाल की मौजूदगी में डेमो किया गया। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि इस उपकरण की मदद से नदी, बाढ़, क्षतिग्रस्त सडक़, टूटे पुल सहित अन्य विषम परिस्थितियों में एक किनारे से दूसरे किनारे तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। आपदा व दुर्घटना के दौरान भी रोप लांचर के प्रयोग से कनेक्टिविटी को रिस्टोर किया जा सकता है। जिलाधिकारी घिल्डियाल ने बताया कि उपकरण का प्रारंभिक डेमो सफल रहा है। आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर फिर डेमो किया जाएगा। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी देवानंद, सीओ अभय कुमार, एसीएमओ डा. ओपी आर्य, तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला सहित कंपनी के अधिकारी व अन्य सदस्य मौजूद थे।
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