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6 महीने में 14 हादसों में 16 की मौत, 3 लापता, 32 घायल
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:10 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जनपद में इस वर्ष 18 जनवरी से 7 जुलाई तक राजस्व व रेगुलर पुलिस क्षेत्र में 14 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोग घायल हो चुके हैं। तीन लोग दुर्घटना के बाद से लापता हैं। हादसों का मुख्य कारण मार्ग पर पैराफिट का न होना रहा।
ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के अलावा जिले में लगभग 100 संपर्क मार्ग हैं। इनमें से कई संपर्क मार्गों की स्थिति दयनीय है। चोपता-तड़ाग-उर्खोली मोटर मार्ग तो सड़क के नाम पर खानापूर्ति साबित हो रहा है। पीएमजीएसवाई द्वारा न तो मानकों के तहत मार्ग की कटिंग की गई, जिस कारण छोटे वाहन भी बमुश्किल से जा रहे हैं। मार्ग पर इस 29 अप्रैल को बारात की मैक्स के दुर्घटनाग्रस्त होने से 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 7 लोग घायल हो गए थे। इसी मार्ग पर 27 जून को भी एक अल्टो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पुलिस के एक जवान की मौके पर ही मौत हो गई थी। खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग पर 29 मई को हुए हादसे में वाहन मालिक की मौत हो गई थी। रुद्रप्रयाग-तूना-बौंठा मार्ग पर भी 30 मई को हुए हादसे में एक की मौत हो गई थी। 7 जुलाई को अगस्त्यमुनि से रुद्रप्रयाग आ रही बोलेरो जवाड़ी बाईपास पर दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा में गिर गई थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और छह लापता हो गए थे। 3 के शव बीते सप्ताह श्रीनगर क्षेत्र में बरामद किए गए थे। तीन लोग अब भी लापता है।
वर्ष के शुरू में ही 18 जनवरी को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग के थानाध्यक्ष रामकुमार जुयाल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसी हाइवे पर जून में रामपुर में एक बाइक सवार के ट्रक से टकराने से मौत हो गई थी।
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ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के अलावा जिले में लगभग 100 संपर्क मार्ग हैं। इनमें से कई संपर्क मार्गों की स्थिति दयनीय है। चोपता-तड़ाग-उर्खोली मोटर मार्ग तो सड़क के नाम पर खानापूर्ति साबित हो रहा है। पीएमजीएसवाई द्वारा न तो मानकों के तहत मार्ग की कटिंग की गई, जिस कारण छोटे वाहन भी बमुश्किल से जा रहे हैं। मार्ग पर इस 29 अप्रैल को बारात की मैक्स के दुर्घटनाग्रस्त होने से 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 7 लोग घायल हो गए थे। इसी मार्ग पर 27 जून को भी एक अल्टो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पुलिस के एक जवान की मौके पर ही मौत हो गई थी। खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग पर 29 मई को हुए हादसे में वाहन मालिक की मौत हो गई थी। रुद्रप्रयाग-तूना-बौंठा मार्ग पर भी 30 मई को हुए हादसे में एक की मौत हो गई थी। 7 जुलाई को अगस्त्यमुनि से रुद्रप्रयाग आ रही बोलेरो जवाड़ी बाईपास पर दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा में गिर गई थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और छह लापता हो गए थे। 3 के शव बीते सप्ताह श्रीनगर क्षेत्र में बरामद किए गए थे। तीन लोग अब भी लापता है।
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वर्ष के शुरू में ही 18 जनवरी को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग के थानाध्यक्ष रामकुमार जुयाल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसी हाइवे पर जून में रामपुर में एक बाइक सवार के ट्रक से टकराने से मौत हो गई थी।
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