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केदारयात्रा पर भोलेश्वर मंदिर पहुंचे पांडव
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ऊखीमठ। पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बीस वर्षों बाद चल रहे पांडव नृत्य के 28वें दिन मोक्ष प्राप्ति के लिए पांडव केदार दर्शन/केदारयात्रा पर निकले।
ओंकारेश्वर मंदिर में ग्राम पंचायत डंगवाडी, ब्रहामणखोली, प्रेमनगर, मस्तोली, उदयपुर, गांधीनगर एवं सरुणा गांव के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहे पांडव नृत्य में पितृमोक्ष की प्राप्ति के लिए त्रिवेणी संगम पर स्नान कर पिंड दान किया, जिसके बाद त्रिवेणी संगम से अपने साथ जल लेकर ओंकारेश्वर मंदिर से केदार यात्रा पर निकले। यात्रा ऊखीमठ मुख्य बाजार होते हुए दो किमी दूर किमाणा गांव के भोलेश्वर मंदिर पहुंची, जहां आचार्य विश्वमोहन जमलोकी व केदारनाथ के पुजारी शिवशंकर लिंग द्वारा पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर पूर्व विधायक आशा नौटियाल, शंभू प्रसाद नौटियाल, गोविंद राम नौटियाल, विशंबर दत्त नौटियाल व रमेश नौटियाल आदि मौजूद थे। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि पांडव नृत्य का समापन 25 दिसंबर को दुर्योधन वध के साथ होगा।
ओंकारेश्वर मंदिर में ग्राम पंचायत डंगवाडी, ब्रहामणखोली, प्रेमनगर, मस्तोली, उदयपुर, गांधीनगर एवं सरुणा गांव के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहे पांडव नृत्य में पितृमोक्ष की प्राप्ति के लिए त्रिवेणी संगम पर स्नान कर पिंड दान किया, जिसके बाद त्रिवेणी संगम से अपने साथ जल लेकर ओंकारेश्वर मंदिर से केदार यात्रा पर निकले। यात्रा ऊखीमठ मुख्य बाजार होते हुए दो किमी दूर किमाणा गांव के भोलेश्वर मंदिर पहुंची, जहां आचार्य विश्वमोहन जमलोकी व केदारनाथ के पुजारी शिवशंकर लिंग द्वारा पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर पूर्व विधायक आशा नौटियाल, शंभू प्रसाद नौटियाल, गोविंद राम नौटियाल, विशंबर दत्त नौटियाल व रमेश नौटियाल आदि मौजूद थे। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि पांडव नृत्य का समापन 25 दिसंबर को दुर्योधन वध के साथ होगा।
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