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दो जिलों के फेर में फंसा खेड़ाखाल-डुंगरीपंथ मोटर मार्ग
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:56 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे के विकल्प के रूप में करोड़ों रुपये के सुधारीकरण के बाद भी खेड़ाखाल-डुंगरीपंथ संपर्क मोटर मार्ग का शुरूआती तीन किमी हिस्सा ठीक नहीं हो पाया है। चट्टानी क्षेत्र होने से जहां बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं, छोटे वाहनों का संचालन भी बमुश्किल हो रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन व विभाग ने मार्ग सुधार की मांग की है।
नया जिला बनने के बाद 18 किमी डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मोटर मार्ग का करीब तीन किमी क्षेत्र सुनाऊं बैंड से खेड़ाखाल तक रुद्रप्रयाग में आ गया। जबकि सुनाऊं बैंड से डुंगरीपंथ तक 16 किमी पूर्ववत पौड़ी में है। यह मार्ग पट्टी बच्छणस्यूं और चलणस्यूं के 40 से अधिक गांवों को श्रीनगर व रुद्रप्रयाग से जोड़ता है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद शासन स्तर पर इस मोटर मार्ग को ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर भूस्खलन जोन सिरोहबगड़ के विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। मार्ग का चौड़ीकरण, डामरीकरण व हॉटमिक्स तो हुआ, लेकिन डुंगरीपंथ से सुनाऊं बैंड तक ही किया गया। रुद्रप्रयाग जिले के अधीन तीन किमी क्षेत्र आज भी बदहाल है, जो हादसों का सबब बना हुआ है। मार्ग की बदहाली के कारण श्रीनगर-खेड़ाखाल बस सेवा संचालन भी ठप है। ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह रौथाण, भूपति सिंह रौथाण, बंटी लाल का कहना है कि मार्ग सुधारीकरण के लिए बीडीसी व तहसील दिवस में भी बार-बार मुद्दा उठाया जा रहा है। बावजूद प्रशासन व विभाग अनदेखी कर रहा है। उन्होंने तीन किमी हिस्से का सुधारीकरण करने की मांग की है। इधर, लोनिवि के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि इस वर्ष जिला योजना में इस हिस्से को शामिल किया गया है। सुधारीकरण जल्द किया जाएगा।
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नया जिला बनने के बाद 18 किमी डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मोटर मार्ग का करीब तीन किमी क्षेत्र सुनाऊं बैंड से खेड़ाखाल तक रुद्रप्रयाग में आ गया। जबकि सुनाऊं बैंड से डुंगरीपंथ तक 16 किमी पूर्ववत पौड़ी में है। यह मार्ग पट्टी बच्छणस्यूं और चलणस्यूं के 40 से अधिक गांवों को श्रीनगर व रुद्रप्रयाग से जोड़ता है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद शासन स्तर पर इस मोटर मार्ग को ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर भूस्खलन जोन सिरोहबगड़ के विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। मार्ग का चौड़ीकरण, डामरीकरण व हॉटमिक्स तो हुआ, लेकिन डुंगरीपंथ से सुनाऊं बैंड तक ही किया गया। रुद्रप्रयाग जिले के अधीन तीन किमी क्षेत्र आज भी बदहाल है, जो हादसों का सबब बना हुआ है। मार्ग की बदहाली के कारण श्रीनगर-खेड़ाखाल बस सेवा संचालन भी ठप है। ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह रौथाण, भूपति सिंह रौथाण, बंटी लाल का कहना है कि मार्ग सुधारीकरण के लिए बीडीसी व तहसील दिवस में भी बार-बार मुद्दा उठाया जा रहा है। बावजूद प्रशासन व विभाग अनदेखी कर रहा है। उन्होंने तीन किमी हिस्से का सुधारीकरण करने की मांग की है। इधर, लोनिवि के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि इस वर्ष जिला योजना में इस हिस्से को शामिल किया गया है। सुधारीकरण जल्द किया जाएगा।
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