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मिनी स्वटजरलैंड चोपता पर अतिक्रमणकारियों की नजर
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:33 PM IST
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ऊखीमठ। मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले पर्यटक स्थल चोपता, बनियाकुंड, दुगलबिट्टा पर अतिक्रमणकारियों की नजरें लगी हैं। यहां सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से स्थायी निर्माण और हट्स बनाए जा रहे हैं, जिससे यहां बुग्यालों को नुकसान पहुंच रहा है। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने औचक निरीक्षक कर 40 अवैध कब्जों को चिह्नित किया। टीम ने कहा कि संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। अवैध निर्माण जल्द ध्वस्त किया जाएगा।
नगर और कस्बों के बाद अब अतिक्रमणकारियों ने बुग्याली क्षेत्रों में अवैध कब्जे करना शुरू कर दिया है। ऊंची पहुंच का हवाला देकर कई अतिक्रमणकारी पिछले कुछ दिनों से चोपता और तुंगनाथ के बुग्याल क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण में जुटे हैं। यहां कई जगहों पर बेतरतीब तरीके से भूमि का कटान किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर स्थायी निर्माण के लिए सामग्री के ढेर लगे हैं। नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल के नेतृत्व में सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने बनियाकुंड, दुगलबिट्टा और चोपता का औचक निरीक्षण किया। यहां कई जगहों पर भूमि कटान कर स्थायी निर्माण और हट्स बनाई जा रही हैं। इन लोगों के पास शासन, प्रशासन और वन विभाग की कोई अनुमति भी नहीं है। ऊखीमठ के राजस्व उप निरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट व दैड़ा के राजस्व उप निरीक्षक दयालु लाल ने बताया कि बनियाकुंड, दुगलबिट्टा व चोपता में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, भूमि कटान और अवैध निर्माण पर 40 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित किया गया है। इन लोगों की ओर से वन अधिनियम सहित अन्य नियमों की अनदेखी की गई है। रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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कोट
चोपता व अन्य स्थानों पर कुछ लोगों की ओर से अवैध निर्माण व भूमि कटान की सूचना मिली है। ऊखीमठ तहसील प्रशासन को निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को रिपोर्ट मिल जाएगी, इसके बाद त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ को भी जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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