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बेटियों के सामाजिक विकास को शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण जरूरी
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जखोली। बेटियों को सशक्त बनाना है तो उनकी बेहतर शिक्षा पर जोर देना होगा। यहां अमर उजाला अपराजिता महा अभियान के तहत ‘पहाड़ में बेटियों का भविष्य विषय’ पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओें ने यह बात कही। इस दौरान सब इंस्पेक्टर ज्योति पंवार ने छात्राओं में जोश भरा।
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महा अभियान के तहत जखोली ब्लाक स्थित ओमकारानंद हिमालयन मांटेसरी इंटरमीडिएट स्कूल में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम देवमूर्ति यादव ने किया। इस दौरान छात्राओं ने एसडीएम के समक्ष अपने सुझाव रखें। बालिका शिक्षा को प्राथमिक स्तर से व्यवस्थित करने के साथ ही छात्राओं ने ग्रामीण स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। कहा कि इससे बेटियों को करियर चयन के अच्छे अवसर मिल सकेंगे। छात्राओं ने कहा कि लड़कों को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर पढ़ने के लिए भेजा जाता है, लेकिन लड़कियों के लिए यह अवसर बहुत कम है। कहा कि पहाड़ में बेटियों के समक्ष एक नहीं बल्कि कई चुनौतियां है। न उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां होती हैं और न अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता। ऐसे में जरूरी है कि अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व जागरूकता से बेटियों को भविष्य के लिए सशक्त बनाया जाए। इस मौके पर एसडीएम देवमूर्ति यादव ने कहा कि सभी बेटियों को अपराजिता बनने के लिए स्वयं से पहल करनी होगी। उन्होंने बेटियों को शिक्षा के प्रति गंभीर होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की सोच पैदा करने का सुझाव दिया। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता अभियान को भी नए समाज के निर्माण की सोच बताया। संगोष्ठी में विद्यालय के प्रबंधक ललिता प्रसाद भट्ट ने शि7ा से ही बेटियां अपना बेहतर भविष्य बना सकती है। बस उन्हें मंच मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कालेज पौंठी के शिक्षक पीयूष शर्मा ने कक्षा 10 व 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों को जरूरी सुझाव भी दिए। शिक्षिका सुशीला मेवाड़ के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में प्रधान महावीर पंवार, प्रभारी प्रधानाचार्य एएस राणा, केएस पंवार, पंकज भट्ट, मोलाराम भट्ट, संतोष नेगी, विनोद सेमवाल, केएस भंडारी, संजय भट्ट, दर्शन लाल आदि मौजूद थे। मौके पर विद्यालय के 556 छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों व अभिभावकों को एसडीएम ने नारी सम्मान की शपथ भी दिलाई। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर ज्योति पंवार ने छात्राओं को महिला अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जबकि मयाली चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर पुनीत दनोषी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें नारी सम्मान के प्रति स्वयं के साथ अन्य को भी जागरूक करना होगा।
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ग्रामीण स्तर पर बालिका शिक्षा पर ध्यान देनी की जरूरत है। पारिवारिक कारणों व भौगोलिक विषमताओं के कारण कई बेटियां शिक्षा से वंचित हैं। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
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-- नंदनी, छात्रा
गांवों में आज भी बेटियों के प्रति रूढ़िवादी सोच है, जिसे दूर करने की जरूरत है। अमर उजाला अपराजिता महाभियान इस क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
-- अनुकृति, छात्रा ओमकारानंद हिमालयन मॉंनटेसरी कॉलेज
गांवों में रहने वाली बेटियां प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं है। जरूरत है, उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले।
-- खुशबू, छात्रा, ओमकारानंद हिमालयन मॉनटेसरी कॉलेज
बेटियों और महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए घर से पहल करनी होगी, तभी प्रतिभाएं आगे आएंगी। उन्हें समान शिक्षा व अन्य सुविधाओं के साथ करियर चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
-- हेमा कार्की, सब इंस्पेक्टर रुद्रप्रयाग पुलिस
घर व स्कूल में व्यवहारिक माहौल पैदा कर बेटियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में जहां उनकी झिझक दूर होगी, वे अपना कार्य अच्छे से कर सकेगी। - करिश्मा, कांस्टेबल रुद्रप्रयाग पुलिस
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अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महा अभियान के तहत जखोली ब्लाक स्थित ओमकारानंद हिमालयन मांटेसरी इंटरमीडिएट स्कूल में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम देवमूर्ति यादव ने किया। इस दौरान छात्राओं ने एसडीएम के समक्ष अपने सुझाव रखें। बालिका शिक्षा को प्राथमिक स्तर से व्यवस्थित करने के साथ ही छात्राओं ने ग्रामीण स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। कहा कि इससे बेटियों को करियर चयन के अच्छे अवसर मिल सकेंगे। छात्राओं ने कहा कि लड़कों को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर पढ़ने के लिए भेजा जाता है, लेकिन लड़कियों के लिए यह अवसर बहुत कम है। कहा कि पहाड़ में बेटियों के समक्ष एक नहीं बल्कि कई चुनौतियां है। न उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां होती हैं और न अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता। ऐसे में जरूरी है कि अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व जागरूकता से बेटियों को भविष्य के लिए सशक्त बनाया जाए। इस मौके पर एसडीएम देवमूर्ति यादव ने कहा कि सभी बेटियों को अपराजिता बनने के लिए स्वयं से पहल करनी होगी। उन्होंने बेटियों को शिक्षा के प्रति गंभीर होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की सोच पैदा करने का सुझाव दिया। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता अभियान को भी नए समाज के निर्माण की सोच बताया। संगोष्ठी में विद्यालय के प्रबंधक ललिता प्रसाद भट्ट ने शि7ा से ही बेटियां अपना बेहतर भविष्य बना सकती है। बस उन्हें मंच मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कालेज पौंठी के शिक्षक पीयूष शर्मा ने कक्षा 10 व 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों को जरूरी सुझाव भी दिए। शिक्षिका सुशीला मेवाड़ के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में प्रधान महावीर पंवार, प्रभारी प्रधानाचार्य एएस राणा, केएस पंवार, पंकज भट्ट, मोलाराम भट्ट, संतोष नेगी, विनोद सेमवाल, केएस भंडारी, संजय भट्ट, दर्शन लाल आदि मौजूद थे। मौके पर विद्यालय के 556 छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों व अभिभावकों को एसडीएम ने नारी सम्मान की शपथ भी दिलाई। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर ज्योति पंवार ने छात्राओं को महिला अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जबकि मयाली चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर पुनीत दनोषी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें नारी सम्मान के प्रति स्वयं के साथ अन्य को भी जागरूक करना होगा।
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ग्रामीण स्तर पर बालिका शिक्षा पर ध्यान देनी की जरूरत है। पारिवारिक कारणों व भौगोलिक विषमताओं के कारण कई बेटियां शिक्षा से वंचित हैं। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
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-- नंदनी, छात्रा
गांवों में आज भी बेटियों के प्रति रूढ़िवादी सोच है, जिसे दूर करने की जरूरत है। अमर उजाला अपराजिता महाभियान इस क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
-- अनुकृति, छात्रा ओमकारानंद हिमालयन मॉंनटेसरी कॉलेज
गांवों में रहने वाली बेटियां प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं है। जरूरत है, उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले।
-- खुशबू, छात्रा, ओमकारानंद हिमालयन मॉनटेसरी कॉलेज
बेटियों और महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए घर से पहल करनी होगी, तभी प्रतिभाएं आगे आएंगी। उन्हें समान शिक्षा व अन्य सुविधाओं के साथ करियर चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
-- हेमा कार्की, सब इंस्पेक्टर रुद्रप्रयाग पुलिस
घर व स्कूल में व्यवहारिक माहौल पैदा कर बेटियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में जहां उनकी झिझक दूर होगी, वे अपना कार्य अच्छे से कर सकेगी। - करिश्मा, कांस्टेबल रुद्रप्रयाग पुलिस