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जिला अस्पताल में सफाई कर्मियों ने प्रसूता से मांगे 7 सौ रुपये
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:58 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता ने सफाई कर्मियों पर सात सौ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने सीएमएस को तीनों कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही पैसे वापस करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने को भी कहा।
औचक निरीक्षक पर जिला अस्पताल पहुंचे डीएम मंगेश घिल्डियाल ने ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी सहित सामान्य वार्डों का जायजा लेने के साथ ही मरीजों से बातचीत भी की। निरीक्षण के दौरान सुमाड़ी (जखोली) से भर्ती प्रसूता के पति गोपी ने बताया कि मंगलवार रात को घर पर उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। तबियत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल लाए। यहां बच्चे की सफाई के नाम पर देर रात को तीन महिला सफाई कर्मियों ने उससे सात सौ रुपये लिए। इस पर, डीएम ने वहां तैनात स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीज या तीमारदार से रुपये लेना कानूनी जुर्म है। उन्होंने चिकित्सक, नर्स व अन्य स्टाफ को कहा कि दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने सीएमएस डा. डीसी सेमवाल को तीनों सफाई कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पीड़िता को पैसे वापस दिलाने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्पताल परिसर के बाहर संचालित मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर दवा विक्रेताओं से दवाओं की जानकारी मांगी। इस मौके पर ब्लड टेस्ट की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। निरीक्षण में प्रभारी सीएमओ डा. ओपी आर्य सहित अन्य मौजूद थे।
सीएमओ करेंगी जांच
डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल से रेफर किए जा रहे प्रसव मामलों की हकीकत जानने के लिए सीएमओ डा. सरोज नैथानी जांच करेंगी। रेफर मामलों की बेस अस्पताल श्रीकोट से रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मातृ-शिशु जन्म दर की प्रतिमाह रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
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कभी भी किसी रूप में आ सकता हूं
गायनी कक्ष का निरीक्षण करते हुए डीएम ने कहा कि तीन दिन पहले रात को वे मरीज बनकर आए थे। तब, भी अव्यवस्थाएं मिली थी। अब, प्रसूता से रुपये लेने का मामला आया है। हालातों का जायजा लेने मैं कभी भी किसी भी टाइम किसी न किसी रूप में आ सकता हूं। अस्पताल में कोताही पाए जाने पर प्रबंधन और संबंधित अनुभागध्यक्ष व स्टाफ के कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
औचक निरीक्षक पर जिला अस्पताल पहुंचे डीएम मंगेश घिल्डियाल ने ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी सहित सामान्य वार्डों का जायजा लेने के साथ ही मरीजों से बातचीत भी की। निरीक्षण के दौरान सुमाड़ी (जखोली) से भर्ती प्रसूता के पति गोपी ने बताया कि मंगलवार रात को घर पर उसकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। तबियत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल लाए। यहां बच्चे की सफाई के नाम पर देर रात को तीन महिला सफाई कर्मियों ने उससे सात सौ रुपये लिए। इस पर, डीएम ने वहां तैनात स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीज या तीमारदार से रुपये लेना कानूनी जुर्म है। उन्होंने चिकित्सक, नर्स व अन्य स्टाफ को कहा कि दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने सीएमएस डा. डीसी सेमवाल को तीनों सफाई कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पीड़िता को पैसे वापस दिलाने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्पताल परिसर के बाहर संचालित मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर दवा विक्रेताओं से दवाओं की जानकारी मांगी। इस मौके पर ब्लड टेस्ट की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई। निरीक्षण में प्रभारी सीएमओ डा. ओपी आर्य सहित अन्य मौजूद थे।
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सीएमओ करेंगी जांच
डीएम ने बताया कि जिला अस्पताल से रेफर किए जा रहे प्रसव मामलों की हकीकत जानने के लिए सीएमओ डा. सरोज नैथानी जांच करेंगी। रेफर मामलों की बेस अस्पताल श्रीकोट से रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मातृ-शिशु जन्म दर की प्रतिमाह रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
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कभी भी किसी रूप में आ सकता हूं
गायनी कक्ष का निरीक्षण करते हुए डीएम ने कहा कि तीन दिन पहले रात को वे मरीज बनकर आए थे। तब, भी अव्यवस्थाएं मिली थी। अब, प्रसूता से रुपये लेने का मामला आया है। हालातों का जायजा लेने मैं कभी भी किसी भी टाइम किसी न किसी रूप में आ सकता हूं। अस्पताल में कोताही पाए जाने पर प्रबंधन और संबंधित अनुभागध्यक्ष व स्टाफ के कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।