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ऊर्जा निगम ने 5 वर्ष बाद भेजा उपभोक्ता को 6 हजार का बिल
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:42 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऊर्जा निगम की ओर से घरेलू बिजली कनेक्शन काटने के पांच वर्ष बाद संबंधित उपभोक्ता को 6 हजार से अधिक का बिल भेजा गया है। उपभोक्ता द्वारा पूर्व में विद्युत मीटर जमा कर डेढ़ सौ रुपये शुल्क भी जमा किया जा चुका है।
क्वीली गांव निवासी सुभाष पुरोहित अपने माता-पिता के साथ बीते पांच वर्ष से देहरादून में रह रहे हैं। पुरोहित ने 28 जुलाई 2012 को ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उन्होंने निजी कारणों से अपने गांव में घर का बिजली कनेक्शन, जो उनके पिता शंभू प्रसाद पुरोहित पुत्र लोकानंद पुरोहित के नाम पर था, विच्छेद का आग्रह किया था। तब, ऊर्जा निगम ने प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कनेक्शन को विच्छेद कर पुरोहित को घर में लगा विद्युत मीटर, मीटर शुल्क और शेष बिल राशि सहित 150 रुपये जमा करने को कहा। उपभोक्ता द्वारा बताई गई राशि जमा की गई, जिसकी निगम कार्यालय ने उन्हें बकायदा रशीद भी दी, लेकिन 5 वर्ष और 2 माह बाद, बीते 28 सितंबर को ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग कार्यालय द्वारा उपभोक्ता को 6015 रुपये का बिजली का बिल भेजा गया है। इस संबंध में रुद्रप्रयाग के एसडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2012 में ऑफ लाइन प्रक्रिया के तहत बिजली कनेक्शन की कार्रवाई होती थी, जो 2015 में ऑन लाइन हुई। ऐसे में कई बार ऑन लाइन कार्य करते हुए पुरानी फाइलें खुल जाती हैं, जिससे बिल चार्ज होता है। उपभोक्ता द्वारा अगर कनेक्शन बिच्छेद की रशीद काटी गई है, तो उनसे नया बिल नहीं लिया जाएगा।
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क्वीली गांव निवासी सुभाष पुरोहित अपने माता-पिता के साथ बीते पांच वर्ष से देहरादून में रह रहे हैं। पुरोहित ने 28 जुलाई 2012 को ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उन्होंने निजी कारणों से अपने गांव में घर का बिजली कनेक्शन, जो उनके पिता शंभू प्रसाद पुरोहित पुत्र लोकानंद पुरोहित के नाम पर था, विच्छेद का आग्रह किया था। तब, ऊर्जा निगम ने प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कनेक्शन को विच्छेद कर पुरोहित को घर में लगा विद्युत मीटर, मीटर शुल्क और शेष बिल राशि सहित 150 रुपये जमा करने को कहा। उपभोक्ता द्वारा बताई गई राशि जमा की गई, जिसकी निगम कार्यालय ने उन्हें बकायदा रशीद भी दी, लेकिन 5 वर्ष और 2 माह बाद, बीते 28 सितंबर को ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग कार्यालय द्वारा उपभोक्ता को 6015 रुपये का बिजली का बिल भेजा गया है। इस संबंध में रुद्रप्रयाग के एसडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2012 में ऑफ लाइन प्रक्रिया के तहत बिजली कनेक्शन की कार्रवाई होती थी, जो 2015 में ऑन लाइन हुई। ऐसे में कई बार ऑन लाइन कार्य करते हुए पुरानी फाइलें खुल जाती हैं, जिससे बिल चार्ज होता है। उपभोक्ता द्वारा अगर कनेक्शन बिच्छेद की रशीद काटी गई है, तो उनसे नया बिल नहीं लिया जाएगा।
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