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मोटर मार्ग निर्माण 8 साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
Updated Sat, 29 Jul 2017 09:50 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक गीड, कर्णधार, तोलब, मालकोटी, वड्रीकोट, डांगी-गुनाऊं, बेंजी आदि गांवों के काश्तकारों को तिलवाड़ा-बावई मोटर निर्माण के आठ वर्ष बाद भी प्रभावित कृषि भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। जनप्रतिनिधियों व काश्तकारों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में शीघ्र मुआवजा वितरण की मांग की है।
ग्राम प्रधान संगीता चमोला सहित अन्य काश्तकारों का कहना है कि वर्ष 2008/09 में तिलवाड़ा-बावई मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। तब, काश्तकारों की कई नाली कृषि सड़क कटान व मलबा दबान से नष्ट हो गई थी, लेकिन 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। इधर, ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष एसपी चमोला का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते काश्तकार मुआवजे से वंचित हैं। अगर, एक माह में मुआवजा वितरण नहीं किया गया तो, विभागीय कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आरसी उनियाल ने बताया कि निर्माण के बाद मोटर मार्ग लोनिवि को हैंडओवर कर दिया गया है। मुआवजे से वंचित काश्तकारों का मामला रिवाइज इस्टीमेट के साथ शासन को भेज दिया गया है। ब्यूरो
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ग्राम प्रधान संगीता चमोला सहित अन्य काश्तकारों का कहना है कि वर्ष 2008/09 में तिलवाड़ा-बावई मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। तब, काश्तकारों की कई नाली कृषि सड़क कटान व मलबा दबान से नष्ट हो गई थी, लेकिन 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। इधर, ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष एसपी चमोला का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते काश्तकार मुआवजे से वंचित हैं। अगर, एक माह में मुआवजा वितरण नहीं किया गया तो, विभागीय कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आरसी उनियाल ने बताया कि निर्माण के बाद मोटर मार्ग लोनिवि को हैंडओवर कर दिया गया है। मुआवजे से वंचित काश्तकारों का मामला रिवाइज इस्टीमेट के साथ शासन को भेज दिया गया है। ब्यूरो
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