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बच्चों ने घरों की देहरियों में रंग-बिरंगे फूल डालकर किया फूलदेई का स्वागत
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रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी। चैत्र मास की संक्रांति से जनपद में फूलदेई महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान सूर्योदय से पूर्व गांवों में छोटे-छोटे बच्चों ने घरों की देहरियों को रंग-बिरंगे से फूलों से सजाया। इस मौके पर कई जगहों पर नृत्य नाटिकाओं का आयोजन भी किया गया।
शुक्रवार को रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में बच्चों ने पारंपरिक गीतों के साथ घर-घर की देहरियों में फूल डालकर वसंत ऋतु का स्वागत किया। जबकि लोगों ने बच्चों को चावल, दाल आदि दिए। उधर, केदारघाटी के गुप्तकाशी के नाला गांव स्थित मां ललिता माई व देवर में ज्वालामुखी मंदिर में रंगकर्मी रमन सिंह रावत व डा. संजय पांडेय ने पारंपरिक गीतों के साथ वसंत का स्वागत किया। मौके पर एक नृत्य नाटिका का आयोजन भी किया गया, जिसमें डा. जैक्सवीन नेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने फूलदेई महोत्सव का मंचन किया। इसके अलावा तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, जखोली, ऊखीमठ व फाटा समेत अन्य हिस्सों में भी फूलदेई का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। बच्चों ने घोघा माता की डोली निकालकर गांवों में घर-घर भ्रमण भी किया।
शुक्रवार को रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में बच्चों ने पारंपरिक गीतों के साथ घर-घर की देहरियों में फूल डालकर वसंत ऋतु का स्वागत किया। जबकि लोगों ने बच्चों को चावल, दाल आदि दिए। उधर, केदारघाटी के गुप्तकाशी के नाला गांव स्थित मां ललिता माई व देवर में ज्वालामुखी मंदिर में रंगकर्मी रमन सिंह रावत व डा. संजय पांडेय ने पारंपरिक गीतों के साथ वसंत का स्वागत किया। मौके पर एक नृत्य नाटिका का आयोजन भी किया गया, जिसमें डा. जैक्सवीन नेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने फूलदेई महोत्सव का मंचन किया। इसके अलावा तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, जखोली, ऊखीमठ व फाटा समेत अन्य हिस्सों में भी फूलदेई का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। बच्चों ने घोघा माता की डोली निकालकर गांवों में घर-घर भ्रमण भी किया।
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