{"_id":"5b7d962f42c792465d1d2849","slug":"101534957103-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एससी\/एसटी व पदोन्नति में आरक्षण एक्ट का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एससी/एसटी व पदोन्नति में आरक्षण एक्ट का किया विरोध
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगस्त्यमुनि। अखिल भारतीय समानता मंच व उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने एससी/एसटी एक्ट में किए गए संशोधन और पदोन्नति में आरक्षण कानून का जमकर विरोध किया। कहा कि जल्द इसे वापस नहीं लिया गया तो जनांदोलन किया जाएगा।
शिक्षक नेता मगनानंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंच के प्रदेश अध्यक्ष वीवीएस रावत व राष्ट्रीय सचिव एलपी रतूड़ी ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट में संशोधन नियम विरुद्ध है। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को जिस तरह से संवैधानिक संशोधन से बदला है, वह सवर्ण समाज के हितों पर कुठाराघात जैसा है। कहा कि एक्ट को पलटने से केंद्र ने जहां सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की है। वहीं, समाज में जातिवाद का जहर बोकर स्वर्ण और दलित व पिछड़ों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। मंच के जिला संयोजक विक्रम सिंह झिंक्वाण ने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा के लिए तहसील स्तर पर संयोजक मंडल का गठन किया जाएगा। साथ ही सितंबर में जिले में रैली निकाली जाएगी। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष मोहन रौतेला, विजय मलासी, छात्र नेता आलोक नेगी, कुशलानंद भट्ट, दलेव सिंह राणा, सतेश्वरी रौथाण, हर्षवर्धन रावत, धीर सिंह नेगी, मानवेंद्र बर्त्वाल, एमपी मैठाणी, राकेश रावत आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
शिक्षक नेता मगनानंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंच के प्रदेश अध्यक्ष वीवीएस रावत व राष्ट्रीय सचिव एलपी रतूड़ी ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट में संशोधन नियम विरुद्ध है। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को जिस तरह से संवैधानिक संशोधन से बदला है, वह सवर्ण समाज के हितों पर कुठाराघात जैसा है। कहा कि एक्ट को पलटने से केंद्र ने जहां सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की है। वहीं, समाज में जातिवाद का जहर बोकर स्वर्ण और दलित व पिछड़ों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। मंच के जिला संयोजक विक्रम सिंह झिंक्वाण ने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा के लिए तहसील स्तर पर संयोजक मंडल का गठन किया जाएगा। साथ ही सितंबर में जिले में रैली निकाली जाएगी। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष मोहन रौतेला, विजय मलासी, छात्र नेता आलोक नेगी, कुशलानंद भट्ट, दलेव सिंह राणा, सतेश्वरी रौथाण, हर्षवर्धन रावत, धीर सिंह नेगी, मानवेंद्र बर्त्वाल, एमपी मैठाणी, राकेश रावत आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन