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दुर्योधन का वध कर पांडवों ने किया केदार प्रस्थान
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:18 PM IST
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ऊखीमठ। तुंगनाथ घाटी के ग्राम पंचायत कांडा में आयोजित पांडव नृत्य दुर्योधन वध के बाद पांडवों के केदार यात्रा पर प्रस्थान के साथ संपन्न हो गया। एक माह तक आयोजित अनुष्ठान में महाभारत से जुड़ी प्राचीन विधाओं गायन व नृत्य के साथ मंचन किया गया।
32 परिवारों की ओर से आयोजित अनुष्ठान के अंतिम दिन रंगकर्मी लखपत सिंह राणा के दिशा निर्देशन में दुर्योधन वध का मंचन किया गया। 99 पुत्रों के वध से हताश महारानी गाधांरी अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन से कहती है कि वह व्यास सरोवर से स्नान कर निर्वस्त्र मेरे पास पहुंचे। दुर्योधन सरोवर से स्नान कर जब अपनी माता के पास जाता है, तभी श्रीकृष्ण उसे रोक देते हैं और कहते हैं कि वह अपनी माता के सम्मुख कैसे खड़ा हो सकता है। श्रीकृष्ण दुर्योधन को अपनी जांघों को पत्तों से ढकने को कहते हैं। इसके बाद वह माता गाधांरी के पहुंचता है। वह अपनी आंखों से पट्टी हटाकर देखती है। दुर्योधन के शरीर के जिन हिस्सों पर गांधारी की नजर पड़ी वह वज्र के समान हो जाता है। लेकिन जांघें मजबूत नहीं हो पाती हैं। इधर, भीम दुर्योधन की जंघा पर प्रहार कर उसे मार देता है। इसके बाद पांडव पश्चाताप के लिए केदार यात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं। इस मौके पर नरेंद्र सिंह नेगी, एमएस नेगी, महावीर नेगी, मंजू देवी, नारायण नेगी, मदन सिंह नेगी, हरेंद्र सिंह नेगी, उमेंद्र सिंह नेगी, विक्रम सिंह आदि मौजूद थे।
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32 परिवारों की ओर से आयोजित अनुष्ठान के अंतिम दिन रंगकर्मी लखपत सिंह राणा के दिशा निर्देशन में दुर्योधन वध का मंचन किया गया। 99 पुत्रों के वध से हताश महारानी गाधांरी अपने ज्येष्ठ पुत्र दुर्योधन से कहती है कि वह व्यास सरोवर से स्नान कर निर्वस्त्र मेरे पास पहुंचे। दुर्योधन सरोवर से स्नान कर जब अपनी माता के पास जाता है, तभी श्रीकृष्ण उसे रोक देते हैं और कहते हैं कि वह अपनी माता के सम्मुख कैसे खड़ा हो सकता है। श्रीकृष्ण दुर्योधन को अपनी जांघों को पत्तों से ढकने को कहते हैं। इसके बाद वह माता गाधांरी के पहुंचता है। वह अपनी आंखों से पट्टी हटाकर देखती है। दुर्योधन के शरीर के जिन हिस्सों पर गांधारी की नजर पड़ी वह वज्र के समान हो जाता है। लेकिन जांघें मजबूत नहीं हो पाती हैं। इधर, भीम दुर्योधन की जंघा पर प्रहार कर उसे मार देता है। इसके बाद पांडव पश्चाताप के लिए केदार यात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं। इस मौके पर नरेंद्र सिंह नेगी, एमएस नेगी, महावीर नेगी, मंजू देवी, नारायण नेगी, मदन सिंह नेगी, हरेंद्र सिंह नेगी, उमेंद्र सिंह नेगी, विक्रम सिंह आदि मौजूद थे।
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